Blogs about: समीक्षा

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महेन्द्र दवेसर दीपक की पुस्तक ‘अपनी-अपनी आग’ पर समीक्षा6 comments

महावीर wrote 1 week ago: समीक्षक: उषा राजे सक्सेना महेन्द्र दवेसर दीपक की पुस्तक ‘अपनी-अपनी आग’ अभी हाल ही में मेधा बु … more →

Tags: उषा राजे सक्सेना

मेरे लिये हर आदमी एक जोड़ी जूता है1 comment

Satish Chandra satyarthi wrote 3 months ago: धूमिल की यह कविता कुछ वर्षों पहले भी पढी थी पर उस वक्त कुछ ख़ास अनुभूति नहीं हुई थी। शायद इस कविता क … more →

Tags: सुदामा पांडेय 'धूमिल', आलोचना, कविता, धूमिल, प्रगतिवाद, भाषा, मोचीराम, विद्रोह, विश्लेषण

अभिमत -‘महर्षि’

Devi Nangrani wrote 7 months ago: अभिमत ये कैसी ख़ुशबू है सोच में जो कि लफ्ज़ बन कर गुलाब महका देवी नागरानी जी ने यह महकता हुआ शे’र त … more →

"दे दो आकाश: "एक उड़ान आकाश की ओर"3 comments

ramadwivedi wrote 7 months ago: समीक्षक: प्रो. किशोरीलाल व्यास ‘नीलकंठ’ (पूर्व विभ … more →

इंडिया, भारत एवं अडिगा का ह्वाइट टाइगर3 comments

योगेन्द्र wrote 8 months ago: ‘द गार्जियन’ की समीक्षा-पृष्ठ का एक अंश मुझे इस स्थल पर अपने इस मत कि इंडिया भारत नहीं है और दोनों म … more →

Tags: इंडिया, देश, भारत, India, उपन्यास, अन्याय, अरविंद अडिगा, द गार्जियन, द टेलीग्राफ

"सारा आकाश नहीं चाहिए, आधा या सिर्फ मुट्ठी भर" -समीक्षक: वरिष्ठ पत्रकार रवि श्रीवास्तव (हैदराबाद)2 comments

ramadwivedi wrote 10 months ago:   काव्य संग्रह “दे दो आकाश” की कविताओं के बारे में कुछ कहने से पेशतर हमें जरूरी लगा कि … more →

स्त्री विमर्श की कविताएँ ’दे दो आकाश’---अशोक शुभदर्शी3 comments

ramadwivedi wrote 10 months ago: ’दे दो आकाश’ काव्य संग्रह की कविताएँ देवनदी की जलधाराओं जैसी कल-कल करती हुई बहती हैं। इस जलधारा में … more →

Tags: ’दे दो आकाश’ :समीक्षा

देवी नागरानी एक संवेदन शील कवियित्री - प्राण शर्मा6 comments

महावीर wrote 11 months ago: देवी नागरानी एक संवेदन शील कवियित्री -प्राण शर्मा ‘प्रतिभाशाली और श्रेष्ट कवि कौन है?’ … more →

Tags: प्राण शर्मा

कल्पना और भाषा की अद्भुत पकड़1 comment

Devi Nangrani wrote 1 year ago: श्रीमती देवी नागरानी जी के अब तक दो ग़ज़ल संग्रह “ग़म में भीगी ख़ुशी“ और “चराग़े-द … more →

Tags: Uncategorized

"अभिमत"1 comment

Devi Nangrani wrote 1 year ago:   “अभिमत” देवी नागरानी की गज़लें उनकी दिल की तलहटी से निकले कोमल हृदयोदगार हैं. यह … more →

Tags: चराग़े-दिल-विमोचन

"ग़ज़ल कहता हूँ"1 comment

Devi Nangrani wrote 1 year ago: पुस्तक विचार शाइरः प्राण शर्मा प्रकाशकः अनिभव प्रकाशन, ई-२८, लजपतनगर, साहिबाबाद. उ.प्र. मूल्यः १५० … more →

"ग़ज़ल कहता हूँ"

Devi Nangrani wrote 1 year ago: पुस्तक विचार शाइरः प्राण शर्मा प्रकाशकः अनिभव प्रकाशन, ई-२८, लजपतनगर, साहिबाबाद. उ.प्र. मूल्यः १५० … more →

"है यहाँ भी जल"

Devi Nangrani wrote 1 year ago: पुस्तक चर्चा लेखकः विजय सिंह नाहटा प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य : १००/ पन्नेः ९० सम्पर्क : … more →

"है यहाँ भी जल"1 comment

Devi Nangrani wrote 1 year ago: पुस्तक चर्चा लेखकः विजय सिंह नाहटा प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य : १००/ पन्नेः ९० सम्पर्क : … more →

खट्टर काका'क तरँग- पोथी'क समीक्षा5 comments

maithili wrote 1 year ago: छओ महीना पहिने के गप्प होयत. ठीक सँ याद नहि आबि रहल अछि. श्री राजीव रँजन लाल जी पटना गेल छलाह पुस्तक … more →

Tags: हरिमोहन झा, राजीव रँजन लाल, पद्मनाभ मिश्र, खट्टर काका, पोथी,

"आओ हिंदी सीखें"2 comments

Devi Nangrani wrote 1 year ago: संपादकः श्रीमती सारिता मेहता अब फिज़ाओं में महक रही है हिंदी भाषा विश्व का मँच मिला हिंदी का घर घर म … more →

"वसीयत" के रचनाकार2 comments

Devi Nangrani wrote 1 year ago: “वसीयत” के रचनाकार का छोटा सा परिचय श्री महावीर शर्मा लंडन के निवासी, एक सुलझे हुए कह … more →

"प्रवासिनी के बोल"

Devi Nangrani wrote 1 year ago: सँपादकः डॉ॰ अँजना सँधीर प्रिय अँजना, महिलाओं का तू चितवन है सुंदर और सलोना मधुबन है तेरी सोच व शी … more →

Tags: Uncategorized

चराग़े-दिलः देवी नागरानी3 comments

महावीर wrote 1 year ago: हेम ज्योत्स्ना पाराशर ‘दीप‘ देवी नागरानी जी का ग़ज़ल संग्रह “चराग़े-दिल” ज … more →


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