“अभिमत” देवी नागरानी की गज़लें उनकी दिल की तलहटी से निकले कोमल हृदयोदगार हैं. यह कोमलता उनकी ग़ज़लों के शिल्प में तों प्रतिबिम्बित हैं लेकिन कथ्य में वे बहुत गहराई लिए हुए हैं. उनक… more →
चराग़े-दिलमहावीर wrote 1 week ago: समीक्षक: उषा राजे सक्सेना महेन्द्र दवेसर दीपक की पुस्तक ‘अपनी-अपनी आग’ अभी हाल ही में मेधा बु … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 3 months ago: धूमिल की यह कविता कुछ वर्षों पहले भी पढी थी पर उस वक्त कुछ ख़ास अनुभूति नहीं हुई थी। शायद इस कविता क … more →
Devi Nangrani wrote 7 months ago: अभिमत ये कैसी ख़ुशबू है सोच में जो कि लफ्ज़ बन कर गुलाब महका देवी नागरानी जी ने यह महकता हुआ शे’र त … more →
ramadwivedi wrote 7 months ago: समीक्षक: प्रो. किशोरीलाल व्यास ‘नीलकंठ’ (पूर्व विभ … more →
योगेन्द्र wrote 8 months ago: ‘द गार्जियन’ की समीक्षा-पृष्ठ का एक अंश मुझे इस स्थल पर अपने इस मत कि इंडिया भारत नहीं है और दोनों म … more →
ramadwivedi wrote 10 months ago: काव्य संग्रह “दे दो आकाश” की कविताओं के बारे में कुछ कहने से पेशतर हमें जरूरी लगा कि … more →
ramadwivedi wrote 10 months ago: ’दे दो आकाश’ काव्य संग्रह की कविताएँ देवनदी की जलधाराओं जैसी कल-कल करती हुई बहती हैं। इस जलधारा में … more →
महावीर wrote 11 months ago: देवी नागरानी एक संवेदन शील कवियित्री -प्राण शर्मा ‘प्रतिभाशाली और श्रेष्ट कवि कौन है?’ … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: श्रीमती देवी नागरानी जी के अब तक दो ग़ज़ल संग्रह “ग़म में भीगी ख़ुशी“ और “चराग़े-द … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: “अभिमत” देवी नागरानी की गज़लें उनकी दिल की तलहटी से निकले कोमल हृदयोदगार हैं. यह … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: पुस्तक विचार शाइरः प्राण शर्मा प्रकाशकः अनिभव प्रकाशन, ई-२८, लजपतनगर, साहिबाबाद. उ.प्र. मूल्यः १५० … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: पुस्तक विचार शाइरः प्राण शर्मा प्रकाशकः अनिभव प्रकाशन, ई-२८, लजपतनगर, साहिबाबाद. उ.प्र. मूल्यः १५० … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: पुस्तक चर्चा लेखकः विजय सिंह नाहटा प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य : १००/ पन्नेः ९० सम्पर्क : … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: पुस्तक चर्चा लेखकः विजय सिंह नाहटा प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य : १००/ पन्नेः ९० सम्पर्क : … more →
maithili wrote 1 year ago: छओ महीना पहिने के गप्प होयत. ठीक सँ याद नहि आबि रहल अछि. श्री राजीव रँजन लाल जी पटना गेल छलाह पुस्तक … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: संपादकः श्रीमती सारिता मेहता अब फिज़ाओं में महक रही है हिंदी भाषा विश्व का मँच मिला हिंदी का घर घर म … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: “वसीयत” के रचनाकार का छोटा सा परिचय श्री महावीर शर्मा लंडन के निवासी, एक सुलझे हुए कह … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: सँपादकः डॉ॰ अँजना सँधीर प्रिय अँजना, महिलाओं का तू चितवन है सुंदर और सलोना मधुबन है तेरी सोच व शी … more →
महावीर wrote 1 year ago: हेम ज्योत्स्ना पाराशर ‘दीप‘ देवी नागरानी जी का ग़ज़ल संग्रह “चराग़े-दिल” ज … more →