“अभिमत” देवी नागरानी की गज़लें उनकी दिल की तलहटी से निकले कोमल हृदयोदगार हैं. यह कोमलता उनकी ग़ज़लों के शिल्प में तों प्रतिबिम्बित हैं लेकिन कथ्य में वे बहुत गहराई लिए हुए हैं. उनका… more →
चराग़े-दिलGrey Rainbow - स्याह इंद्रधनुष wrote 3 months ago: एसे ही इन्टर्नेट पर घूमते घूमते एक अच्छी सी लघु कथा पढ़ने को मिलि, आप का ध्यान भी आकर्षित करना चाहूं … more →
महावीर wrote 5 months ago: समीक्षक: उषा राजे सक्सेना महेन्द्र दवेसर दीपक की पुस्तक ‘अपनी-अपनी आग’ अभी हाल ही में मेधा बुक्स ने … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 8 months ago: धूमिल की यह कविता कुछ वर्षों पहले भी पढी थी पर उस वक्त कुछ ख़ास अनुभूति नहीं हुई थी। शायद इस कविता क … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: अभिमत ये कैसी ख़ुशबू है सोच में जो कि लफ्ज़ बन कर गुलाब महका देवी नागरानी जी ने यह महकता हुआ शे’र तो … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: समीक्षक: प्रो. किशोरीलाल व्यास ‘नीलकंठ’ (पूर्व विभागाध्यक्ष,हिन्दी विभाग, उस्मानिया विश्वविद्यालय, ह … more →
योगेन्द्र जोशी wrote 1 year ago: ‘द गार्जियन’ की समीक्षा-पृष्ठ का एक अंश मुझे इस स्थल पर अपने इस मत कि इंडिया भारत नहीं है और दोनों म … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: काव्य संग्रह “दे दो आकाश” की कविताओं के बारे में कुछ कहने से पेशतर हमें जरूरी लगा कि य … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: ’दे दो आकाश’ काव्य संग्रह की कविताएँ देवनदी की जलधाराओं जैसी कल-कल करती हुई बहती हैं। इस जलधारा में … more →
महावीर wrote 1 year ago: देवी नागरानी एक संवेदन शील कवियित्री -प्राण शर्मा ‘प्रतिभाशाली और श्रेष्ट कवि कौन है?’ क … more →
Devi Nangrani wrote 1 year ago: श्रीमती देवी नागरानी जी के अब तक दो ग़ज़ल संग्रह “ग़म में भीगी ख़ुशी“ और “चराग़े-द … more →
Devi Nangrani wrote 2 years ago: “अभिमत” देवी नागरानी की गज़लें उनकी दिल की तलहटी से निकले कोमल हृदयोदगार हैं. यह … more →
Devi Nangrani wrote 2 years ago: पुस्तक विचार शाइरः प्राण शर्मा प्रकाशकः अनिभव प्रकाशन, ई-२८, लजपतनगर, साहिबाबाद. उ.प्र. मूल्यः १५० प … more →
Devi Nangrani wrote 2 years ago: पुस्तक विचार शाइरः प्राण शर्मा प्रकाशकः अनिभव प्रकाशन, ई-२८, लजपतनगर, साहिबाबाद. उ.प्र. मूल्यः १५० प … more →
Devi Nangrani wrote 2 years ago: पुस्तक चर्चा लेखकः विजय सिंह नाहटा प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य : १००/ पन्नेः ९० सम्पर्क : vi … more →
Devi Nangrani wrote 2 years ago: पुस्तक चर्चा लेखकः विजय सिंह नाहटा प्रकाशक : बोधि प्रकाशन, जयपुर मूल्य : १००/ पन्नेः ९० सम्पर्क : vi … more →
Hemant Patel wrote 2 years ago: आम तौर पर हम संचार के बारे मे किताबो मे ही पढते है उससे हि हमे पता चलता है कि आखिर मनुष्य ने भाषा क … more →
Hemant Patel wrote 2 years ago: हिन्दी सिनेमा मैं कई बार हिट्स ऎंड सुपर्हिट्स के बीच ऐसी फिल्म आती रहती है जिनका बॉक्स ऑफिस कलेक्शन … more →
maithili wrote 2 years ago: छओ महीना पहिने के गप्प होयत. ठीक सँ याद नहि आबि रहल अछि. श्री राजीव रँजन लाल जी पटना गेल छलाह पुस्तक … more →
Devi Nangrani wrote 2 years ago: संपादकः श्रीमती सारिता मेहता अब फिज़ाओं में महक रही है हिंदी भाषा विश्व का मँच मिला हिंदी का घर घर म … more →