जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो दिल में आकर बसा था तू वह मीत है साँसों की सरगम बस तुम ही तुम लफ़्ज़ों में जब हम बस तुम ही तुम कहना कितना मुश्किल था यह समझा न सके अपने दिल की बात हम तुम्हें बता न … more →
तख़लीक़-ए-नज़रambuj wrote 2 days ago: प्यार के बगिये में फूलों को यूँही खिलाते जाना है, जीवन के दर्पण में रंगों को भरते जाना है ! सावन की … more →
विनय wrote 1 year ago: जो दिल से जाता नहीं है तू वह गीत है जो दिल में आकर बसा था तू वह मीत है साँसों की सरगम बस तुम ही तुम … more →