जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ़ते आते हैं सुबह के क़दम जुस्त-जू की छाया… more →
विनय wrote 8 months ago: जानते हैं दर्द बुझते हुए चाँद का जब बढ … more →
Tags: मेरा गीत, चाँद, धूप, दर्द, Heart, Love, पलाश, गुल, दिल
विनय wrote 9 months ago: ज़बीने-माह पर गेसू की लहर याद आती है वह ग … more →
Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, चाहत, शाम
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