अब विचारने की बात यह कि भारतवर्षमें क्रान्तिकारी आन्दोलन के समर्थक कौन से साधन मौजूद है ? गत पृष्ठों में मैंने अपने अनुभवों का उल्लेख करके दिखला दिया है कि समिति के सदस्यों को उदर-पूर्ति तक के लिये क… more →
काकोरी काँड : Kakori Conspiracyडा. अमर कुमार wrote 6 months ago: अब विचारने की बात यह कि भारतवर्षमें क्रान्तिकारी आन्दोलन के समर्थक कौन से साधन मौजूद है ? गत पृष्ठो … more →
डा. अमर कुमार wrote 7 months ago: ऐतिहासिक दृष्टि से हम लोगों के कार्य का बहुत बड़ा मूल्य है । जिस प्रकार भी हो, यह तो मानना ही पड़ेगा … more →
डा. अमर कुमार wrote 7 months ago: फांसी की कोठरी अन्तिम समय निकट है । दो फांसी की सजायें सिर पर झूल रहा है । पुलिस को साधारण जीवन में … more →
डा. अमर कुमार wrote 7 months ago: नमस्कार ! एक अँतराल के पश्चात यह कड़ियाँ प्रारँभ करने का मन बनाया है । किसी हुतात्मा की अवमा … more →
अंकुर वर्मा wrote 8 months ago: हाल में ही प्रदर्शित हिन्दी फ़ीचर फ़िल्म गुलाल का संगीत काफ़ी प्रभावशाली है। आज के दौर पर कटाक्ष ये छोट … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: इस वृहत संगठन में भी … इस समय समिति के सदस्यों की बड़ी दुर्दशा थी । चने मिलना भी कठिन था । सब … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: इन चालबाजारियों के चलते…. अब सब ओर से चित्त को हटा कर बड़े मनोयोग से नौकरी में समय व्यतीत करने … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: नोट बनाने के प्रयोगों के बाद… कई महानुभावों ने गुप्त समिति के नियमादि बना कर मुझे दिखायें । उन … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: पुनर्गठन के बाद…. इसी बीच मेरे एक मित्र की एक नोट बनाने वाले महाशय से भेंट हुई । उन्होंने बड़ी- … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: पिछली बार.. अनुभवहीनता से इस प्रकार ठोकरें खानी पड़ी । कोई पथ प्रदर्शक तथा सहायक नहीं, जिस से परामर्श … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: राजकीय घोषणा के पश्चात जब मैं शाहजहाँपुर आया तो शहर की अदभुत दशा देखी । कोई पास तक खड़े होने का साहस … more →
डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: प्रतिज्ञा, पलायनावस्था व शाहजहांपुर में आप पढ़ चुके हैं… जब राजकीय घोषणा हुई और राजनैतिक कैदी छोड़े … more →
डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अबतक आपने पढ़ा.. .. यदि मैंने घृष्टतापूर्ण उत्तर दिया तब तुम ने प्रेम भरे शब्दों में यही कहा कि तुम्ह … more →
डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा… उस दिन के सवाल जवाब में यह भी मालूम हुआ कि काकोरी के मामले में सरकार दो लाख रूपये खर … more →
डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा.. इनके साथ राजनैतिक कैदियों का सा ही बर्ताव किया जाना चाहिए था, किन्तु ऐसा न कर के इन … more →
डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा.. अभियुक्तों के सम्बन्ध में जज महोदय ने स्पष्टतया कहा कि वे अपने व्यक्तिगत लाभ … more →
डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा … जेल के अन्दर अभियुक्तों ने प्रायः सभी त्योहार बड़े उत्साह से मनाए । सरस्वती पू … more →
डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा … अदालत का दृश्य तो एक खास खूबसूरती रखता था । एक ओर पंडित राम प्रसाद, श्र … more →
डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा … श्री ज्याति्शंकर दीक्षित बड़े खु्शदिल आदमी है । जेल कर्मचारी तो इनकी खुशहाली देख कर … more →