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Blogs about: सरफ़रोशी की तमन्ना

Featured Blog

अच्छा हुआ जो मैं गिरफतार हो गया और भागा नही3 comments

डा. अमर कुमार wrote 6 months ago: अब विचारने की बात यह कि भारतवर्षमें क्रान्तिकारी आन्दोलन के समर्थक कौन से साधन मौजूद है ?  गत पृष्ठो … more →

Tags: आत्मकथा, खण्ड-4, अशफ़ाकउल्ला खाँ, अख़बार, कोतवाली, क्रांतिकारी दल, गिरफतारी, रामप्रसाद 'बिस्मिल', रोशन सिंह

इतिहास को हमारे प्रयत्नों का उल्लेख करना ही पड़ेगा5 comments

डा. अमर कुमार wrote 7 months ago: ऐतिहासिक दृष्टि से हम लोगों के कार्य का बहुत बड़ा मूल्य है । जिस प्रकार भी हो, यह तो मानना ही पड़ेगा … more →

Tags: अंतिम समय की बातें, आत्म-चरित, इतिहास में हमारे प्र, खण्ड-4, अराजकता, कार्यकारिणी, क्रान्तिकारी आन्दोल, भारतवर्ष, राजनीति

फांसी की कोठरी है या, साधना की गुफा10 comments

डा. अमर कुमार wrote 7 months ago: फांसी की कोठरी अन्तिम समय निकट है । दो फांसी की सजायें सिर पर झूल रहा है । पुलिस को साधारण जीवन में … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-4, चँद शेर, फाँसी, काला पानी, कोठरी, गोरखपुर जेल, प्राणत्याग, फांसी की सजा

अशफ़ाकउल्ला ख़ाँ वारसी : अन्तिम समय में दो शब्द7 comments

डा. अमर कुमार wrote 7 months ago: नमस्कार ! एक  अँतराल  के  पश्चात  यह  कड़ियाँ  प्रारँभ  करने  का  मन बनाया है । किसी हुतात्मा की अवमा … more →

Tags: आत्म-चरित, आत्मकथा, काकोरी के शहीद, खण्ड-4, अशफ़ाकउल्ला खाँ, क्रान्तिकारी आन्दोल, दे्श पर, फांसी की सजा, मातृभूमि

सरफ़रोशी की तमन्ना (गुलाल)2 comments

अंकुर वर्मा wrote 8 months ago: हाल में ही प्रदर्शित हिन्दी फ़ीचर फ़िल्म गुलाल का संगीत काफ़ी प्रभावशाली है। आज के दौर पर कटाक्ष ये छोट … more →

Tags: अवर्गीकृत, गुलाल

कार्यकर्ताओं की दुर्दशा, अशान्ति युवक दल5 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: इस वृहत संगठन में भी …  इस समय समिति के सदस्यों की बड़ी दुर्दशा थी । चने मिलना भी कठिन था । सब … more →

Tags: आत्म-चरित, आत्मकथा, खण्ड-4, चतुर्थ खण्ड, कार्यकर्ता, किंकर्तव्य विमूढ़, पंडित जी अब क्या करें, बंगाल आर्डिनेन्स, भूखों मर रहे हैं

नौकरी, व्यवसाय तथा वृहत् संगठन2 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: इन चालबाजारियों के चलते….  अब सब ओर से चित्त को हटा कर बड़े मनोयोग से नौकरी में समय व्यतीत करने … more →

Tags: आत्म-चरित, आत्मकथा, खण्ड-4, भारतवर्ष, चतुर्थ खण्ड, कार्यकारिणी, कार्यकर्ता, संगठनकर्ता, संयुक्त प्रान्त

चालबाजार1 comment

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: नोट बनाने के प्रयोगों के बाद… कई महानुभावों ने गुप्त समिति के नियमादि बना कर मुझे दिखायें । उन … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-3, आत्मकथा, रिवाल्वर, गुप्त समिति, प्रयाग, तृतीय खण्ड, भयंकर परिणाम, क्रांतिकारी दल

नोट बनाने के प्रयोग5 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: पुनर्गठन के बाद…. इसी बीच मेरे एक मित्र की एक नोट बनाने वाले महाशय से भेंट हुई । उन्होंने बड़ी- … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-3, आत्मकथा, तृतीय खण्ड, कलेजा मसोस कर, नोट बनाओ, सन्देह, फोटोग्राफी, बताना कुछ मत

पुर्नसंगठन

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: पिछली बार.. अनुभवहीनता से इस प्रकार ठोकरें खानी पड़ी । कोई पथ प्रदर्शक तथा सहायक नहीं, जिस से परामर्श … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-3, आत्मकथा, रिवाल्वर, पुलिस कप्तान, तृतीय खण्ड, कार्य निरीक्षण, वेश्या, रिवाल्वर का कुन्दा

संसार अन्धकारमय दिखाई देता था3 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: राजकीय घोषणा के पश्चात जब मैं शाहजहाँपुर आया तो शहर की अदभुत दशा देखी । कोई पास तक खड़े होने का साहस … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-3, आत्मकथा, शाहज़हाँपुर, अंगरेजी, प्रतिज्ञा, पुस्तक, तृतीय खण्ड, 500 रूपये

पग पग विश्वासघात3 comments

डा. अमर कुमार wrote 10 months ago: प्रतिज्ञा, पलायनावस्था व शाहजहांपुर में आप पढ़ चुके हैं…   जब राजकीय घोषणा हुई और राजनैतिक कैदी छोड़े … more →

Tags: आत्म-चरित, खण्ड-2, आत्मकथा, ग्वालियर, हमारे अमर शहीद, द्वितीय खण्ड, विश्वासघात, जन्जीर, ब्रम्हचारी जी

विदा दो माँ.. प्रणाम गुरुदेव6 comments

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अबतक आपने पढ़ा.. .. यदि मैंने घृष्टतापूर्ण उत्तर दिया तब तुम ने प्रेम भरे शब्दों में यही कहा कि तुम्ह … more →

Tags: आत्म-चरित, आत्मकथा, खण्ड-1, स्वामी सोमदेव सरस्व, मेरी माँ, माताओं की माता, स्वाधीन भारत का इतिह, बलिवेदी की भेंट, लाला लाज़पत राय

सेशन कोर्ट का फैसला1 comment

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा… उस दिन के सवाल जवाब में यह भी मालूम हुआ कि काकोरी के मामले में सरकार दो लाख रूपये खर … more →

Tags: काकोरी षड़यंत्र, काकोरी के शहीद, वन्दे मातरम, रामप्रसाद 'बिस्मिल', रंग दे बसंती चोला, वन्दे मातरम, रोशन सिंह, राजेन्द्र, सर लुई स्टुआर्ट

कार्यकर्ताओं में बड़ी खलबली मच गयी...3 comments

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा.. इनके साथ राजनैतिक कैदियों का सा ही बर्ताव किया जाना चाहिए था, किन्तु ऐसा न कर के इन … more →

Tags: काकोरी षड़यंत्र, काकोरी के शहीद, रंग दे बसंती चोला, काल कोठरी, मोहम्मद अहमद सईद ख़ाँ, बरेली, फतेहगढ़, नैनी जेल, गणेष शंकर विद्यार्थ

निम्नलिखित सज़ायें उन्हें मिली …1 comment

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा..  अभियुक्तों के सम्बन्ध में जज महोदय ने स्पष्टतया कहा कि वे अपने व्यक्तिगत लाभ … more →

Tags: काकोरी षड़यंत्र, काकोरी के शहीद, आत्मकथा, रंग दे बसंती चोला, वन्दे मातरम, वन्दे मातरम, खु्श रहो अहले वतन, काला पानी, आज़ीवन कारावास

शिवा ने मां का बन्धन खोला3 comments

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा …  जेल के अन्दर अभियुक्तों ने प्रायः सभी त्योहार बड़े उत्साह से मनाए । सरस्वती पू … more →

Tags: काकोरी षड़यंत्र, काकोरी के शहीद, आत्मकथा, रंग दे बसंती चोला, वन्दे मातरम, 6 April 1927, फ़ैसला, सजायें, वन्दे मातरम

पुलिस महारानी के मारे आफत थी4 comments

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा …  अदालत का दृश्य तो एक खास खूबसूरती रखता था । एक ओर पंडित राम प्रसाद,  श्र … more →

Tags: काकोरी षड़यंत्र, काकोरी के शहीद, आत्मकथा, रंग दे बसंती चोला, Banvari Lal, Hamilton Trial, संक्षिप्त विवरण, हमारे अमर शहीद

अरे, एक दिन तो और रह लेने दो2 comments

डा. अमर कुमार wrote 11 months ago: अब तक आपने पढ़ा … श्री ज्याति्शंकर दीक्षित बड़े खु्शदिल आदमी है । जेल कर्मचारी तो इनकी खुशहाली देख कर … more →

Tags: संक्षिप्त विवरण, काकोरी षड़यंत्र, काकोरी के शहीद, आत्मकथा, पं जगतनारायण मुल्ला, शाहज़हाँपुर, चन्द्रशेखर 'आज़ाद', सेठ दमोदर स्वरूप, सहारनपुर


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