Blogs about: सहर

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उसके सुकुं के लिये

रविकुल wrote 1 week ago: ताउम्र मैं उसका नाम करता रहा ! पर वो मुझको बदनाम करता रहा !! इक अर्सा बीत गया मैंने सहर नहीं देखी, म … more →

Tags: ग़ज़ल, ताउम्र, बदनाम, रातभर, सलाम, हराम

सहर-ब-सहर मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ9 comments

विनय wrote 3 months ago: सहर-ब-सहर1 मैं ढूँढ़ता रहा शुआएँ2 कहाँ छिप गयीं नूर-सी रोशन निगाहें न कोई घर रहा मेरा न कोई ठिकाना म … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, नूर, दोस्त, दर्द, Love, तन्हाई, मंज़िल, Pain, दुआ

मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला3 comments

विनय wrote 1 year ago: मैं आँखों के लिए ख़ाब खरीदने निकला सितारों के लिए चाँद ढूँढ़ने निकला दिन अदा किया तब रात नसीब हुई हर … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, eyes, प्यार, मोहब्बत, रात

मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा

विनय wrote 1 year ago: मैं ज़हर का असर ढूँढ़ता फिरा वह शामो-सहर ढूँढ़ता फिरा जिस बाज़ार में ग़म बिकते हों उसे दिनो-दोपहर ढूँढ … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, दिल, प्यार, मोहब्बत, बाज़ार, शाम

ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी

विनय wrote 1 year ago: ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी सूखे पत्ते उड़ाने लगी दरख़्त की शाख़ों पर धूप की बूँदें नहीं सूरज का दरिया है … more →

Tags: मेरा गीत, Earth, Tree, ज़िन्दगी, बूँद, चाँद, धूप, इश्क़, Love

रात सूनी सूनी है और सहर खामोश है

Rohit Jain wrote 1 year ago: रात सूनी सूनी है और सहर खामोश है तुम चले गये तो सारा शहर खामोश है कैसा तन्हा है समाँ ताज़ीर-ए-खामोशी … more →

Tags: 2007 A Poetic Journey, मेरी गज़लें, Feb 2007, 2007, और, कविता, खामोश, गज़ल, जैन

ज़बीने-माह पर गेसू की लहर याद आती है

विनय wrote 1 year ago: जबीने-माह पर गेसू की लहर याद आती है वह गुलाबी ख़ुशरंग शामो-सहर याद आती है जिसने हमें ज़िन्दगी का दीवा … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, Pain, चाहत, शाम

महफ़िले-उश्शाक़ में आशिक़ हम-सा न पाओगे

विनय wrote 1 year ago: महफ़िले-उश्शाक़ में आशिक़ हम-सा न पाओगे बेकार की बातें हैं सभी दिल को कब तक जलाओगे सहर में शुआ शाम को म … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, आशिक़, जिगर, जफ़ा, दिल, नाचार, बेकार, महफ़िल, माशूक़

तुमने दिल की बात कह दी2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तुमने दिल की बात कह दी, आज ये अच्छा हुआ, हम तुम्हें अपना समझते थे, बढा धोखा हुआ, जब भी हमने कुछ कहा, … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Saher, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

तेरे बारें में जब सोचा नहीं था2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे बारें में जब सोचा नहीं था, मैं तन्हा था मगर इतना नहीं था, तेरी तस्वीर से करता था बातें, मेरे कम … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Saher, Non Films, जगजीत सिंह, T Series

मुझे होश नहीं

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझे होश नहीं, मुझे होश नहीं, कितनी पी कैसे कटी रात मुझे होश नहीं, रात के साथ गयी बात , मुझे होश नही … more →

Tags: Jagjit Singh, Ghazal, जगजीत सिहँ, Álbums, गज़ल, Saher, Non Films, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

चराग-ए-इश्क जलाने की रात आयी है

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: चराग-ए-इश्क, जलाने की रात आयी है, किसी को अपना बनाने की रात आयी है, वो आज आये है महफ़िल में चांदनी ले … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, Saher, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

तुमको सबसे सच्ची दोस्ती मिले

विनय wrote 1 year ago: तुमको ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिले तेरे लबों को मीठी-मीठी हँसी मिले हर दिन तुम्हें बहार का दिन हो कभी न … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, ख़ुशी, Flower, eyes, Friendship, बहार, मीठी, फूल

ख़ुदाया कभी करम मुझ पर भी

विनय wrote 1 year ago: ख़ुदाया1 कभी करम मुझ पर भी सुम्बुल2 की थोड़ी मेहर इधर भी प्यार क्या है नहीं जानता मैं मगर सिखा दे मु … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ख़ाब, चाँद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, ख़बर, ख़ुदा

सहर - ऑडियो रिलीज2 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →

Tags: album, Audio, audio release, ऑडियो, ऑडियो रिलीज, जगजीत सिंह, रिलीज, Jagjit Singh, Lehren

मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मुझसे बिछड़ के खुश रहते हो, मेरी तरह तुम भी झूठे हो, इक टहनी पर चाँद टिका था, मैंने ये समझा तुम बैठे … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, Saher, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

तेरे आने की जब ख़बर महके3 comments

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: तेरे आने की जब ख़बर महके, तेरे खुश्बू से सारा घर महके, शाम महके तेरे तसव्वुर से, शाम के बाद फिर सहर … more →

Tags: Álbums, गज़ल, जगजीत सिहँ, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, Saher, जगजीत सिंह, ग़ज़ल

और बहुत कुछ...

विनय wrote 1 year ago: तुमसे चाहत है तुमसे इबादत है मुझे इश्क़ है तुमसे … तुमको देखा तो जाना प्यार क्या है ज़िन्दगी क्य … more →

Tags: मेरी नज़्म, ज़िन्दगी, इश्क़, Love, Flower, प्यार, चाहत, तमन्ना, फूल

ये जो ज़िन्दगी की किताब है

Amarjeet Singh wrote 2 years ago: ये जो ज़िन्दगी की किताब है, ये किताब भी क्या खिताब है, कहीं एक हसीं सा ख्वाब है, कही जान-लेवा अज़ाब है … more →

Tags: Álbums, गज़ल, Ghazal, Jagjit Singh, Non Films, Saher, जगजीत सिंह, ग़ज़ल, Rajesh Reddy


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