हाल दिल का बताना तुमसे बहुत ही मुश्किल है न जाने कितना, बेशुमार दर्द इसमें शा… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय प्रजापति wrote 6 months ago: हाल दिल का बताना तुमसे बहुत ही मुश्किल … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: रहते हैं हम जिन ख़ाबों में उन ख़ाबों क … more →
विनय प्रजापति wrote 6 months ago: जैसे ज़िन्दगी वीरान है जैसे ज़िन्दगी बे … more →