Blogs about: साँस
कुछ तो बोलो!
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: क्यों लोग यहाँ जमा हैं? क्यों वह उदास ब … more »
याद आती हैं फिर वह तारीख़ें
विनय प्रजापति wrote 4 months ago: याद आती हैं फिर वह तारीख़ें मेरा करना … more »
मेरी राहों की रेत पर
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विनय प्रजापति wrote 4 months ago: मेरी राहों की रेत पर उसके पैरों का निश … more »
दिल में दुआ दिल में पिया
विनय प्रजापति wrote 5 months ago: दिल में दुआ दिल में पिया दिल ने चाहा दि … more »
