तेरी यादों के, तेरे ख़ाबों के, साये तले हम कितनी दूर निकल आये, कहाँ चले तेरी यादों की धुँधली शाम, है नीली-नीली सागर तट की रेत भी है गीली-गीली क्या ख़बर कब थकते क़दमों की शाम ढले तेरी यादों के, ते… more →
तख़लीक़-ए-नज़रप्रवीण wrote 2 months ago: जिंदिगी का हर पल , सदियों में बदल गया, तुम याद आई इतना ! एक बूंद की प्यास में, मैं सागर पी गया, तुम … more →
Nidhi KM wrote 5 months ago: मैं नदी थी प्यासी सी तुम सागर से मिलने चली थी मिलकर सागर मे ये जाना मैं ही अकेली, प्यासी नही थी सागर … more →
अफ़लातून wrote 6 months ago: मैंने जब हिन्दी में ब्लॉगिंग शुरु की उस समय से इस समय की कुछ दशा ही और है ! वैचारिक मतभेद तब भी थे ल … more →
Sanjay wrote 9 months ago: Daily Hindi News चुनाव चौपाल: सागर की चुनावी खबरें … more →
pryas wrote 1 year ago: फूल पत्थर से उगेगा सोचता है आदमी, पर्वतों पिघलोगे इकदिन, सोचता है आदमी. चाँद पर तो घुमने हम कई बार आ … more →
pryas wrote 1 year ago: तुम नभ हो, मेघ हो, गर्जन हो, तुम धरती पर व्याप्त शक्ति, प्रजनन हो. तुम आग हो, शीतल हो, पानी हो, इस ज … more →
oskanpur wrote 1 year ago: नवीनतम व आधुनिक लाइनक्स उबुँटू अप्रैल २००८ में आपके लिए पेश – मुफ्त में डाउनलोड करें व सबको ला … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी यादों के, तेरे ख़ाबों के, साये तले हम कितनी दूर निकल आये, कहाँ चले तेरी यादों की धुँधली शाम … more →
विनय wrote 2 years ago: यादों का सागर गहरा है उसमें डूब जाऊँ तो वक़्त का हर लम्हा ठहरा है कोई काँटा-सा है जो लग गया है इक फाँ … more →