“बिना खडग बिना ढाल” ***राजीव तनेजा*** ” बस नहीं चलता मेरा इन साले ट्रैफिक वाले हवलदारों पर”…… “मेरा!…मेरा चालान काट मारा”… “लाख समझाया… more →
हँसते रहोpryas wrote 1 year ago: साबरमती आश्रम के लिए जगह की तलाश में गांधीजी एक दिन वर्धा से पांच किलोमीटर ऊंची पहाड़ी पर गए। वहां ए … more →
राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “बिना खडग बिना ढाल” ***राजीव तनेजा*** ” बस नहीं चलता मेरा इन साले ट्रैफिक वाले हवल … more →