संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 3 months ago: देश में उद्योगों का वितरण समरूप नहीं है। उद्योग कुछ अनुकूल अवस्थितिक कारकों से कुछ निश्चित स्थानों प … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 9 months ago: ज़िस पेट्रोलिय़म को अधुऩिक सभ्य़ता का अग्रदूत कहा ज़ाता हैं, वह वरदाऩ हैं अथवा अभिशाप हैं, क्य़ोंकि इस के … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 9 months ago: हाल की एक अंतर्राष्ट्रीय़ रिपोर्ट में बताय़ा गय़ा हैं कि भारत की ओंर से हो रही ग्लोबल वॉर्मिंग य़ा वैश्व … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 9 months ago: हम ‘पर्यावरण’ शब्द से परिचित हैं। इस शब्द का प्रयोग टेलीविजन पर, समाचार पत्रों में तथा हमारे आस-पास … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 9 months ago: आपने कभी सोचा है कि मिट्टी की उर्वरता, गठन व स्वरूप अलग क्यों है? आपने यह भी सोचा होगा कि अलग-अलग स् … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 9 months ago: क्या आप सोचते हैं कि जो कुछ वर्तमान में है, ऐसा ही रहेगा या भविष्य कुछ पक्षों में अलग होने जा रहा है … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: नीचे एक पूरी सूची विश्व के 195 देशों की सूची और उनकी राजधानी है : Afghanistan – Kabul अफगा … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: नदी का नाम उद्गम समापन लंबाई नील Nile विक्टोरिया झील आफ्रीका Lake Victoria, Africa भूमध्य सागर Medi … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: नाटक या नाट्य में प्रयुक्त भाषा को नाट्यभाषा कहते हैं। भरत के अनुसार नाट्य या नाटक वह है जो लोकस्वभा … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: समीक्षा की उत्पत्ति के लिए मानुषी वृत्ति (अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा कहना) इसकी धरातल कही जा सकत … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: हिन्दी साहित्य का आधुनिक काल 1850 से आरम्भ होता है । हिंदी साहित्य के इस युग में भारतीय-राष्ट्रीयता … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 2 years ago: हिंदी साहित्य का आधुनिक काल तत्कालीन राजनैतिक गतिविधियों से प्रभावित हुआ। इसको हिंदी साहित्य का सर … more →