सूचना ‘महावीर‘ ब्लॉग पर मुशायरा (कवि-सम्मेलन) “बरखा-बहार” वरिष्ठ लेखक, समीक्षक, ग़ज़लकार श्री प्राण शर्मा जी की प्रेरणा से जुलाई १५, २००८ एवं जुलाई २२,२००८ को ‘इस ब्लॉ… more →
नीरज त्रिपाठीनीरज त्रिपाठी wrote 11 months ago: सूचना ‘महावीर‘ ब्लॉग पर मुशायरा (कवि-सम्मेलन) “बरखा-बहार” वरिष्ठ लेखक, सम … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: लाल है अब शहर था कल तक गुलाबी मिट गया सिंदूर हाथ मेंहदी है अभी भी राख है वो आज मासूमियत उसकी हँसी सु … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: बस एक ध्येय बस एक लक्ष्य वो जहर उगलते जाते हैं भावुक भोली जनता का ख़ुद को शुभचिंतक बतलाते हैं सत्ता … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: क से है कन्याकुमारी जहां तक सीमा हमारी क से है कश्मीर भी और क से ही है कारिगल क से ही था वह कबूत … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: जब मैं छोटा था नासमझ था सोचता था अपना सब कुछ देश हित में लगाऊँगा अब मैं टैक्स की चोरी करता हूँ अब मै … more →
नीरज त्रिपाठी wrote 1 year ago: सभी हिन्दी प्रेमियों को नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं … ग्रीटिंग हमको मिले बहुत अबकी मनी आर्डर … more →