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Blogs about: साहित्य

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चरित्र : दूसरों को जिंदा रखने का प्रयत्न

Himanshu Pandey wrote 3 days ago: हिन्दी कहानी में मानवीयता से संपृक्त लेखन के लिये उल्लेखनीय कथाकारों में एक अग्रणी नाम है ’श्री द्वि … more →

Tags: साक्षात्कार, द्विजेन्द्र नाथ मिश

मेरी नयी वेब-दुनियामें आपका स्वागत है. - घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 3 days ago: मेरी नयी वेब-दुनियामें आपका स्वागत है. घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: कविता, गझल - घनश्याम ठक्कर, गीत, गीत -घनश्याम ठक्कर, घनश्याम ठक्कर, फोटोः, संगीत़़, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता

आम इंसान की जिंदगी-हिन्दी शायरी (life of comman man-hindi poem)

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago:  जो तुम भी चाहोगे इंसानी बुत बनकर बड़े कहलाओगे। सीख लो नटों के इशारों की डोर पर नाचना जमाने में … more →

Tags: arebic, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, शायरी, हिन्दी, कला, मनोरंजन, मस्ती, व्यंग कविता

किस जमाने की माशुका हो-हिन्दी हास्य कविता (hindi poem on love)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago:  माशुका ने पूछा आशिक से ‘अगर शादी के बाद मैं मर गयी तो क्या मेरी याद में ताजमहल बनवाओगे।’ आशिक … more →

Tags: abhivyakti, aducation, अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन

हिन्दू धर्म संदेश-सदगुणों से ही आयु बढ़ती है (sadgun aur ayu-hindu dharm sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अपनीतं सुनीतेन योऽयं प्रत्यानिनीषते। मतिमास्थाय सुदृढां तदकापुरुषव्रतम्।। हिंदी में भावार्थ-जो अन्या … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, मस्त राम, मस्तराम, सन्देश, समाज

पहचान के लिए परेशान पूरा ज़माना-हिन्दी चिंतन और कविता (trouble of identity-hindi article and poem)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: प्राकृतिक का नियम है परिवर्तन! दिन हुआ है तो रात भी होगी। सूरज उगा है तो जरूर डूबेगा। धूप है तो अंधे … more →

Tags: arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, आस्था, कला, चिन्तन, दीपक भारतदीप

समाचार हिन्दी में-व्यंग्य कविता (news in hindi-satire poem)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: समाचार भी अब फिल्म की तरह टीवी पर चलते हैं। हास्य पैदा करने वाले विज्ञापनों के बीच दृश्यों में हिंसा … more →

Tags: अभिव्यक्ति, मस्तराम, व्यंग्य, शायरी, शेर, समाज, हिन्दी पत्रिका, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर

वृक्षारोपण और फल-प्राप्ति (विचार विमर्श) - घनश्याम ठक्कर 1 comment

kalapiketan wrote 2 weeks ago: वृक्षारोपण और फल-प्राप्ति (विचार विमर्श) घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: घनश्याम ठक्कर, विचार विमर्श, हिंदी साहित्य, हिन्दी नेट, हिन्दी ब्लोग, Ghanshyam Thakkar, Hindi Literature, Oasis Thacker, photograph

विदुर नीति-अर्थ प्राप्ति के लिए धर्म का पालन करें (arth aur dharm-hindu adhyamik sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: यस्यात्मा विरतः पापाद कल्याणे च निवेशितः। तेन स्र्वमिदं बुद्धम् प्रकृतिर्विकृतिश्चय वा।। हिंदी में भ … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, कला, कविता, धर्म, मस्त राम, मस्तराम

हिंसक तत्वों के साथ मानवाधिकारों का प्रश्न-हिंदी लेख (With violent elements of human rights questions - Hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: वर्तमान भौतिकवादी युग में यह मानना ही बेवकूफी है कि कोई बिना मतलब के जनसेवा करता है। अगर लाभ न हो तो … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, संपादकीय, सन्देश, हिन्दी

शायरियां1 comment

Maheep Saraf wrote 3 weeks ago: तेरे चेहरे पर ये गुस्सा ग़ज़ब हे, बहुत सताता हे याद तो इसकी भी आती हे, तेरे जाने के बाद — … more →

Tags: शायरी, हिन्दी, Romantic, Shayari, मुक्तक, hindi, Literature, Maheep, Maheep Saraf

जख्म दिल पर (गझल) - घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 1 month ago: जख्म दिल पर  (गझल)  घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: कविता, गझल, गझल - घनश्याम ठक्कर, घनश्याम ठक्कर, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता, हिन्दी गझल, हिन्दी नेट, हिन्दी ब्लोग

युद्ध और सत्संग-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: धर्म के लिए अब नहीं होता सत्संग हर कोई लड़ रहा है, उसके नाम पर जंग. किताबों के शब्द का सच अब तलवार स … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कविता, ताल-बेताल, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, दृश्य, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका

राधाकी व्यथा (गीत) - घनश्याम ठक्कर

kalapiketan wrote 1 month ago: राधाकी व्यथा (गीत) घनश्याम ठक्कर … more →

Tags: कविता, गीत, गीत -घनश्याम ठक्कर, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता, हिन्दी गीत, हिन्दी नेट

ख्वाब

Maheep Saraf wrote 1 month ago: आज कुछ होश नहीं बस तेरी यादें हैं साथ में  तेरी आँखें तेरी बातें तेरी खुश्बू मेरी हर बात में  हर ख्व … more →

Tags: कविता, हिन्दी, Hindi Poems, Hindi Poems: Romantic, Romantic, ख्वाब, शायरी, hindi, Literature

प्रजातंत्र में ब्लॉग की महत्वपूर्ण भूमिका-हिंदी लेख (democracy and hindi blog-hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भारत में इंटरनेट प्रयोक्ताओं की संख्या सात करोड़ से ऊपर है-इसका सही अनुमान कोई नहीं दे रहा। कई लोग इस … more →

Tags: writing, inglish, दीपक द्वारा, अभिव्यक्ति, अनुभूति, आलेख, Internet, सृजन, bharat

अहसास

Hemant Patel wrote 1 month ago: तुम हो ही नही तुम्हारे होने का अहसास है और यहा अभी इस पल इस खुरदुरे पन्ने से निकलकर अहसास से विश्वास … more →

Tags: कविता, अहसास, विश्वास

अभी मैं अधूरा10 comments

Hemant Patel wrote 1 month ago: अभी तो खाली हू… अभी तो प्यासा हू… अभी तो अधूरा हू…अभी मै हू ही नही निर्माण के प्रथ … more →

Tags: कविता, अधूरा

बीमार तेरे नामके! (गीत) - घनश्याम ठक्कर 2 comments

kalapiketan wrote 1 month ago: बीमार तेरे नामके! (गीत) घन-’श्याम’ ठक्कर … more →

Tags: कविता, गीत, गीत -घनश्याम ठक्कर, गीत-काव्य, घनश्याम ठक्कर, हिंदी साहित्य, हिन्दी कविता, हिन्दी गीत, हिन्दी नेट


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