समाचार भी अब फिल्म की तरह टीवी पर चलते हैं। हास्य पैदा करने वाले विज्ञापनों के बीच दृश्यों में हिंसा के शिकार लोगों की याद में करुणामय चिराग जलते हैं। ——– समाचार भी खिचड़ी की तरह परदे… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकाHimanshu Pandey wrote 3 days ago: हिन्दी कहानी में मानवीयता से संपृक्त लेखन के लिये उल्लेखनीय कथाकारों में एक अग्रणी नाम है ’श्री द्वि … more →
kalapiketan wrote 3 days ago: मेरी नयी वेब-दुनियामें आपका स्वागत है. घनश्याम ठक्कर … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: जो तुम भी चाहोगे इंसानी बुत बनकर बड़े कहलाओगे। सीख लो नटों के इशारों की डोर पर नाचना जमाने में … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: माशुका ने पूछा आशिक से ‘अगर शादी के बाद मैं मर गयी तो क्या मेरी याद में ताजमहल बनवाओगे।’ आशिक … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: अपनीतं सुनीतेन योऽयं प्रत्यानिनीषते। मतिमास्थाय सुदृढां तदकापुरुषव्रतम्।। हिंदी में भावार्थ-जो अन्या … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: प्राकृतिक का नियम है परिवर्तन! दिन हुआ है तो रात भी होगी। सूरज उगा है तो जरूर डूबेगा। धूप है तो अंधे … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: समाचार भी अब फिल्म की तरह टीवी पर चलते हैं। हास्य पैदा करने वाले विज्ञापनों के बीच दृश्यों में हिंसा … more →
kalapiketan wrote 2 weeks ago: वृक्षारोपण और फल-प्राप्ति (विचार विमर्श) घनश्याम ठक्कर … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: यस्यात्मा विरतः पापाद कल्याणे च निवेशितः। तेन स्र्वमिदं बुद्धम् प्रकृतिर्विकृतिश्चय वा।। हिंदी में भ … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: वर्तमान भौतिकवादी युग में यह मानना ही बेवकूफी है कि कोई बिना मतलब के जनसेवा करता है। अगर लाभ न हो तो … more →
Maheep Saraf wrote 3 weeks ago: तेरे चेहरे पर ये गुस्सा ग़ज़ब हे, बहुत सताता हे याद तो इसकी भी आती हे, तेरे जाने के बाद — … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: जख्म दिल पर (गझल) घनश्याम ठक्कर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: धर्म के लिए अब नहीं होता सत्संग हर कोई लड़ रहा है, उसके नाम पर जंग. किताबों के शब्द का सच अब तलवार स … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: राधाकी व्यथा (गीत) घनश्याम ठक्कर … more →
Maheep Saraf wrote 1 month ago: आज कुछ होश नहीं बस तेरी यादें हैं साथ में तेरी आँखें तेरी बातें तेरी खुश्बू मेरी हर बात में हर ख्व … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भारत में इंटरनेट प्रयोक्ताओं की संख्या सात करोड़ से ऊपर है-इसका सही अनुमान कोई नहीं दे रहा। कई लोग इस … more →
Hemant Patel wrote 1 month ago: तुम हो ही नही तुम्हारे होने का अहसास है और यहा अभी इस पल इस खुरदुरे पन्ने से निकलकर अहसास से विश्वास … more →
Hemant Patel wrote 1 month ago: अभी तो खाली हू… अभी तो प्यासा हू… अभी तो अधूरा हू…अभी मै हू ही नही निर्माण के प्रथ … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: बीमार तेरे नामके! (गीत) घन-’श्याम’ ठक्कर … more →