मैंने तेरा नाम नहीं जाना जाना तो जाना बस इतना जाना प्यार में तेरे मैं हो गया दीवाना पहली नज़र में होश गुम गया दूसरी नज़र का हाल कैसे बताऊँ दिल को आना था तुम पर आ गया भला दिल को मैं कैसे समझाऊँ पहले चरचे… more →
तख़लीक़-ए-नज़रsushilgirdher wrote 1 year ago: हम अपने आप से कुछ यूं बदला लेते हैं हमपे सितम करने वाले को भी दुआ देते हैं। यूं तो हमें हंसने का भी … more →
विनय wrote 1 year ago: मैंने तेरा नाम नहीं जाना जाना तो जाना बस इतना जाना प्यार में तेरे मैं हो गया दीवाना पहली नज़र में होश … more →
विनय wrote 2 years ago: इम्तिहाँ मेरी मोहब्बत को मुदाम देने हैं दीजिए अगर आपको इल्ज़ाम देने हैं और कौन दूसरा सितम-परस्त होगा … more →
विनय wrote 2 years ago: हर गली हर कूचा दर-ब-दर ढूँढ़ते हैं हम अपनी दुआ में असर ढूँढ़ते हैं तुम देखकर हँसते हो मुझे और हम तेर … more →