विनय wrote 1 year ago: तुम मेरे हो तुम मेरे हो तुम मेरे हो दिल की सदा साँसों के सिलसिले कहते हैं तुम मेरे हो तुम मेरे हो यह … more →
विनय wrote 1 year ago: तेरी यादों के साये तले जाने हम- कितनी दूर तक चले क्या ख़बर कब… थकते क़दमों की शाम ढले जाने कब प … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: मेरे दिल ने कहा, ऐ दीवाने बता, जब से कोई मिला, तू है खोया हुआ, ये कहानी है क्या, है ये क्या सिलसिला, … more →
Amarjeet Singh wrote 1 year ago: … more →
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