हाथ कुछ आया नहीं बेरुखी के सिवा वो और कुछ नहीं था एक अजनबी के सिवा ना जफ़ाएं ना … more →
इक शायर अंजाना सा...Rohit Jain wrote 6 months ago: हाथ कुछ आया नहीं बेरुखी के सिवा वो और क … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: सिवा इससे जो भी हो, करेंगे महब्बत तुझ ब … more →