सौंदर्य वो है जो मन में सजे, अपने आप ही सब पर फबे। सुंदर है फूल, चाहे कितने हों उसमें शूल। सुंदर है गगन, तारों के साथ है मगन। सुंदर है दिनेश, गर्म होकर भी है जीवेश। सुंदर है पवन, रखता है सबका जीवन। सु… more →
प्रेमलता पांडे wrote 3 years ago: सौंदर्य वो है जो मन में सजे, अपने आप ही सब पर फबे। सुंदर है फूल, चाहे कितने हों उसमें शूल। सुंदर है … more →
Tags: भावांजलि, छटा
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