Satish Chandra satyarthi wrote 1 year ago: मेरे आँगन में, (टीले पर है मेरा घर) दो छोटे-से लड़के आ जाते है अकसर! नंगे तन, गदबदे, साँबले, सहज छबी … more →
Satish Chandra satyarthi wrote 1 year ago: खेतों में फैला है श्यामल धूल भरा मैला-सा आँचल गंगा जमुना में आंसू जल मिट्टी कि प्रतिमा उदासिनी, भारत … more →