स्वर: सुरय्या मुल्तानिकर भूले से भी कोई यहाँ कह दो के न लगाये दिल एक हँसी के वास्ते शाम-ओ-सहर रुलाये दिल हम में नहीं ये हौसला, हमसे कहा न जायेगा अश्कों से पूछिये अगर सुनना हो माजरा-ए-दिल झूठी कसम न खा… more →
निंदा पुराणअंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: सुरय्या मुल्तानिकर भूले से भी कोई यहाँ कह दो के न लगाये दिल एक हँसी के वास्ते शाम-ओ-सहर रुलाये … more →
अंकुर वर्मा wrote 1 year ago: स्वर: सुरय्या मुल्तानिकर नजरिया काहे मिलाई सजना मोरा डोले करेजवा देखत है सारी नगरिया नजरिया काहे मि … more →