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Blogs about: सूरज

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सूरज की पहली किरण 1 comment

Nidhi KM wrote 3 weeks ago: भरी धूप मे, आज ऑफीस जाते समय ही उसने सोच लिया था, शाम को घर वापस जाते समय, आज मंदिर जाऊंगी… मं … more →

Tags: कहानियाँ, कहानी, लघु कथा, सामाजिक, nidhi, बच्चा, NidhiKM, Short Story, Story

रात के अंधेरे ही सही - अनीस इमाम17 comments

रवि कुमार, रावतभाटा wrote 2 months ago: रात के अंधेरे ही सही – अनीस इमाम ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) शब्दों के कुछ सम … more →

Tags: कविता-पोस्टर, अंधेरा, अनीस इमाम, रात

कुछ पंक्तियाँ

Nidhi KM wrote 3 months ago: चलते थे जिस ज़मीं पर, संभल संभल कर हम, सरकी वही ज़मी  नये कदम उठाने के पहले, आसमान से तो पानी बरसता … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, Social, आग, आसमान, कदम, ग्रहण, ज़मीं

सूरज उगाया जाता फूलों में यदि - शमशेर बहादुर सिंह17 comments

रवि कुमार, रावतभाटा wrote 4 months ago: सूरज उगाया जाता फूलों में यदि – शमशेर बहादुर सिंह ( a kavita poster by ravi kumar, rawatbhata) … more →

Tags: कविता-पोस्टर, चांद, शमशेर बहादुर सिंह

सूरज को डूबते देखना कोई सुंदर दृश्य नहीं हो सकता11 comments

रवि कुमार, रावतभाटा wrote 6 months ago: अच्छा लगता है (a poem by ravi kumar, rawatbhata) अच्छा लगता है बच्चों को खिलखिलाते देखना समन्दर को क … more →

Tags: कविताएं, दरख़्त, ज़िंदगी

कबीर के दोहे-तारा मंडल की बैठक में चंद्रमा पाता है इज्जत

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं कि ———————— तारा मण् … more →

Tags: hindi journlism, hindi web, web duniya, web dunia, hindu dharm, hindu life, Hindu culture, hindi jagran, inglish

अंधेरे से रौशनी पैदा नहीं हो सकती-व्यंग्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: धरती की रौशनी बचाने के लिये उन्होंने अपने घर और शहर में अंधेरा कर लिया फिर उजाले में कहीं वह लोग खो … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, व्यंग्य, व्यंग्य कविता, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Bloging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

कोई सूरज हमारी ताक में है5 comments

Rohit Jain wrote 9 months ago: पसेज़ुल्मत कोई सूरज हमारी ताक में है इसी उम्मीद का दम अब हमारी ख़ाक में है नहीं है ख़ौफ़ किसी ज़ुल्म का ह … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Nov 2008, में, रोहित, जैन, Rohit, jain, 2008

जाने वो पल कहाँ खो गए8 comments

kmuskan wrote 1 year ago: ज़िंदगी की भाग-दोड में जाने वो पल कहाँ खो गए जब कुछ पल बैठ कर चैन से बतिया लिया करते थे एक चाए के प्य … more →

Tags: Zindagi, Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, पल, चाँद

तेरा बस इक ख्याल है6 comments

pryas wrote 1 year ago: कुछ और लिखने का प्रयास किया है. कृपया मेरी गलतियाँ सुधारें. ~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~-~- … more →

Tags: मेरी रचना, pryas, ओस, मोती, बेअदब

तआक़ुब3 comments

विनय wrote 1 year ago: बड़ी उम्मीद से मैं चला था तआक़ुब-ए-इश्क़ पर और दीदार उसका मुझको ही घायल कर गया है अब सुबह का चाँद और श … more →

Tags: मेरी त्रिवेणी, चाँद, उम्मीद, इश्क़, Love, प्यार, मोहब्बत, शाम, दीदार

जो मुझको जानते हैं5 comments

विनय wrote 1 year ago: जो मुझको जानते हैं ज़रा कम जानते हैं जो नहीं जानते हैं ज़रा ज़्यादा जानते हैं जो ढीठ बनके बैठा हुआ है म … more →

Tags: मेरी नज़्म, शिकन, फ़ितरत, Pain, चाहत, जानिब, desire, तड़प, habit

पल3 comments

kmuskan wrote 1 year ago: जी भरकर जी ले इस पल को जाने फिर ये पल हो न हो हर खुशी को समेट ले अपनी बाहों में जाने फिर ये पल हो न … more →

Tags: Zindagi, Kavita, muskan, hindi, Poetry, kala, Blogroll, पल, कुदरत

सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: सूरज की किरण मेरे चाँद से टकराई, तन बदन मे मेरे जैसे आग लग आई, उसने ली कुछ इस तरह से अंगडाई, फूलों स … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, amarjeet singh, अंगडाई, अदाएँ, अमर, अमरजीत, आँखें

ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी

विनय wrote 1 year ago: ख़िज़ाँ मुस्कुराने लगी सूखे पत्ते उड़ाने लगी दरख़्त की शाख़ों पर धूप की बूँदें नहीं सूरज का दरिया है … more →

Tags: मेरा गीत, Earth, Tree, ज़िन्दगी, बूँद, चाँद, धूप, इश्क़, Love

दिल में दुआ दिल में पिया

विनय wrote 1 year ago: दिल में दुआ दिल में पिया दिल ने चाहा दिल ने किया इश्क़ पर किसका ज़ोर है बहती हवाओं में शोर है दिल में … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, दर्द, दिल, मुक़ाम, दुनिया, पिया, चाहा


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