हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी तुमको पाने की जुस्तजू छोड़ दी चाक़ जिगर को गरेबाँ में … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: हमने अबस की आरज़ू छोड़ दी तुमको पाने की … more →
Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, दर्द, Love, मौसम, प्यार, मोहब्बत, Pain, आरज़ू
Follow this tag via RSS