Blogs about: सृजन

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॑सृजन

रविकुल wrote 5 days ago: भ्रष्ट समाज का उत्कर्ष करो ! जीवन है संघर्ष संघर्ष करो !! मिटा डालो उग्रता के निशां, बदल डालो भ्रमि … more →

Tags: कवितायें, अर्जुन, इन्सां, उग्रवाद, उत्कर्ष, नींव

कुछ सच कुछ झूठ-लघु कथा

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: शादी में वह बच्चा अपने मां बाप और दादा के साथ गया। शादी उच्च घराने की थी। वहां तमाम तरह का तामझाम थ … more →

Tags: चिन्तन, दीपक द्वारा, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, हंसना, हास्य व्यंग्य, हिन्दी

आशीर्वाद-लघुकथा2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह युवक गरीब था तब संत के पास जाता था। वह उनके यहां आश्रम की साफ सफाई करता और फिर अपने काम पर चला ज … more →

Tags: दीपक द्वारा, दीपक भारतदीप, मस्तराम, समाज, साहित्य, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

युवा पीढ़ी को प्रोत्साहन-(हास्य व्यंग्य)2 comments

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: वह पुराना अभिनेता अपने बैठक कक्ष में सिगरेट पर सिगरेट फूंकता हुआ इधर से उधर चहलकदमी कर रहा था। उसने … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य चिंतन, समाज, साहित्य, हास्य व्यंग्य

सबकी नज़र है हमारे कमाने पर -व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: रात की रौशनी में चमकने वाले चेहरे सुबह सूरज की पहली किरण में ही फक नजर आते हैं। सौंदर्य के सच की धूप … more →

Tags: हिन्दी, अभिव्यक्ति, चिन्तन, अनुभूति, हिंदी साहित्य, web duniya, hindi story, web dunia, web bhaskar

गंगा और यमुना नदियों की तरह होता है हिन्दी भाषा का दोहन-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: अंतर्जाल पर हिंदी में सक्रिय कई ऐसे ब्लाग लेखक हैं जिन्हें लिखते हुए छह साल हो गये हैं। उन लोगों की … more →

Tags: writing, inglish, दीपक द्वारा, अभिव्यक्ति, India, अनुभूति, Internet, Urdu, arebic

श्री अमिताभ बच्चन का कहना सही है कि ऑस्कर में क्या रखा है-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: इस देश में कई ऐसे लोग है जो अमिताभ बच्चन के अभिनय और आवाज से अधिक उनके व्यक्तित्व और वक्तव्यों से … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, inglish, संपादकीय, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India

इजरायल और चीन से सीखने लायक क्या है-आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: पता नहीं क्यों भारत के लेखकों और बुद्धिजीवियों एक तरफ से तो देशप्रेम से ओतप्रोत रहते हैं दूस … more →

Tags: अभिव्यक्ति, इंडिया, चिन्तन, दीपक भारतदीप, मस्तराम, हिंदी साहित्य, bharat, Deepak bharatdeep, edcation

इंसान को पंख नहीं लगा सकता-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: जमीन पर आते हुए इंसान ने सर्वशक्तिमान से कहा ‘इस बार इंसान बनाया है इसके लिये शुक्रगुजार हूं पर मुझे … more →

Tags: writing, Global Dashboard, कविता, दृष्टिकोण, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, अनुभूति, हिंदी साहित्य, Internet

हिंदू विचारधारा:भारतीय और अफ़गानी-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: एक बात निश्चित है कि धर्म नितांत एक निजी विषय है और उस पर सार्वजनिक विषय पर चर्चा करना केवल एक दिखाव … more →

Tags: Blogroll, writing, inglish, संपादकीय, India, इंडिया, भारत, अनुभूति, आलेख

बुद्धिजीवी समझाते है,पर समाज समझता नहीं-व्यंग्य आलेख1 comment

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: बहुत दिन से हमारे दिमाग में यह बात नहीं आ रही कि आखिर कौन किसको क्या और क्यों समझा रहा है? कब समझा … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, vyangya, vividha, inglish, कविता, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति

भारतीय भाषा दिवसः एक फ्लाप लेखक का विशेष संपादकीय2 comments

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: लोग आज इसे हिंदी दिवस कह रहे हैं पर एक हिंदी विद्वान का मत है कि इसे भारतीय भाषा दिवस के रूप में मना … more →

Tags: Blogroll, writing, vyangya, inglish, संपादकीय, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, हास्य व्यंग्य

अंतर्जाल पर विधा नहीं बल्कि कथ्य महत्वपूर्ण है-विशेष संपादकीय3 comments

दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: आज यह दूसरा ब्लाग/पत्रिका है जिसने 30 हजार पाठ/पाठक संख्या को पार किया। इससे पहले हिंदी पत्रिका ने इ … more →

Tags: Blogroll, writing, Thought, inglish, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, सूचना, अनुभूति

विभिन्न समाजों का पुराने ढर्रे पर चलना अब कठिन-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: जाति, धर्म, भाषा और वर्ण के आधार पर हमारे देश में अनेक वर्षों से संगठित समाज चले आ रहे हैं और इसकी आ … more →

Tags: Blogroll, writing, inglish, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, सूचना, अनुभूति, आलेख

चमत्कार को नमस्कार, सहजता से कोई नहीं सरोकार-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: इस प्रथ्वी पर जीवन अपनी सहज धारा से बहता जाता है। अनेक आपदायें इस प्रथ्वी पर आती हैं पर फिर सब कुछ स … more →

Tags: Blogroll, writing, vyangya, aastha, inglish, व्यंग्य चिंतन, अभिव्यक्ति, आस्था, आध्यात्म

जब टूटता है सन्नाटा-हिंदी शायरी2 comments

दीपक भारतदीप wrote 12 months ago: जब जज्बातों में आता ठहराव तब शब्द खामोश हो जाते स्तब्ध मन सन्नाटे में ताकता है उस समय न सोचना अच् … more →

Tags: inglish, कविता, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, साहित्य, हिंदी साहित्य, media, film

इस ब्लाग/पत्रिका की पाठक संख्या 25 हजार के पार-विशेष संपादकीय2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज मेरा यह ब्लाग@पत्रिका पाठक संख्या 25 हजार पार कर गया। वेसे देखा जाये कि यह कोई बड़ी बात नहीं है। … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, inglish, संपादकीय, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India, सूचना

कीचड़ उछालने पर मिठाई मिलेगी सोचा न था-हास्य व्यंग्य1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ब्लागर साइकिल चलाता हुआ घर पहुंचा तो पत्नी ने उसे देखते ही पूछा-‘क्या कहीं कीचड़ में गिर गये थे जो … more →

Tags: vyangya, inglish, अभिव्यक्ति, India, हास्य व्यंग्य, आलेख, साहित्य, हिंदी साहित्य, Internet

मानते नहीं तो फिर पत्थर क्यों उड़ाते-कविता2 comments

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कहते हैं पत्थर के बुतों में भगवान नहीं मानेंगे पर भगवान के बुत उड़ाने पहुंच जाते जवाब नहीं देना इसल … more →

Tags: Blogroll, writing, inglish, व्यंग्य चिंतन, शेर-ओ-शायरी, शायरी, अभिव्यक्ति, चिन्तन, India


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