आखिर समाज सेवा है क्या? उसका स्वरूप क्या है? यह आज तक कोई नहीं समझ पाया। हमें तो अपने धर्म ग्रंथों से यही सन्देश पाया है की सहृदय, दयालु, परोपकारी और दानशील बनो-अब यह पता नहीं है की इससे समाजसेवा होती… more →
****दीपकबापू कहिन**** ****Deepak Bharatdeep's hindi patrika****gulabkothari wrote 3 months ago: प्रत्येक व्यक्ति को सौ साल का जीवन मिलता है। यह सौ साल शरीर की औसत आयु होती है। इसमें रहने वाला जीव … more →
Nishant wrote 7 months ago: सिखों के पांचवें गुरु अर्जुनदेव जी जब चौथे गुरु के अखाड़े में शामिल हुए तो उन्हें छोटे-छोटे काम करने … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: जिस तरह बुद्धिमान लोग करे रहे हैं अगडम-बगडम बातें उससे तो लगता है कि बंधुआ मजदूरों का युग गया तो बंध … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आखिर समाज सेवा है क्या? उसका स्वरूप क्या है? यह आज तक कोई नहीं समझ पाया। हमें तो अपने धर्म ग्रंथों स … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: कबीर जब हम गावते, तब जाना गुरु नाहीं अब गुरु दिल में देखिया, गावन को कछु नाहिं संत शिरोमणि कबीरदास ज … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: १.चंपा के साथ रहने पर तिलों में वैसे ही सुगन्ध आ जाती है, रस वैसे ही नहीं खाया जाता है पर उसकी गंध … more →