दिल में तू नहीं तो क्या है सखी मान ले तू, हम तेरे हैं हमनशीं चाँदनी और सितारों की सरज़मीं महकती हवा और तेरी ख़ूबसूरती सब कुछ इन रोशन राहों में है सब कुछ मेरी इन निगाहों में है यह दूरी हमें तेरे क़रीब ला… more →
तख़लीक़-ए-नज़रNidhi KM wrote 8 months ago: हर शब्द कहने के पहले , बहुत बार सोचा… हर कदम उठाने के पहले , बहुत बार रोका… हर धड़कन सुन … more →
विनय wrote 1 year ago: दिल में तू नहीं तो क्या है सखी मान ले तू, हम तेरे हैं हमनशीं चाँदनी और सितारों की सरज़मीं महकती हवा औ … more →