दिल में तू नहीं तो क्या है सखी मान ले तू, हम तेरे हैं हमनशीं चाँदनी और सितारों की सरज़मीं महकती हवा और तेरी ख़ूबसूरती सब कुछ इन रोशन राहों में है सब कुछ मेरी इन निगाहों में है यह दूरी हमें तेरे क़रीब ला… more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 1 year ago: दिल में तू नहीं तो क्या है सखी मान ले तू, हम तेरे हैं हमनशीं चाँदनी और सितारों की सरज़मीं महकती हवा औ … more →