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Blogs about: सोच

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अंतहीन सिलसिला -व्यंग्य कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: एक तलाश पूरी होते ही आदमी दूसरी में जुट जाता अंतहीन सिलसिला है अपने मकसद रोज नये बनाता पूरे होते ही … more →

Tags: साहित्य, Blogroll, Deepak bharatdeep, E-patrika, hindi epatrika, hindi megzine, hindi nai duinia, web dunia, web duniya

मन में हैं दस-बीस...1 comment

प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: सतरंगी भाव उमड़ते हैं, दौड़ते हैं, तेज़ दौड़ते हैं इतने तेज़ कि कुछ स्पष्ट नहीं रह पाता मानो ऊर्जा से चाल … more →

Tags: लेख/आलेख, सतरंगी भाव, मन

मैं सबसे बुरा था 4 comments

विनय wrote 1 year ago: मैं सबसे बुरा था सबसे बुरा हूँ सबसे बुरा ही रहूँगा मैं जी रहा था जी रहा हूँ ऐसे ही जीता रहूँगा उसने … more →

Tags: मेरा गीत, अक्स, अच्छा, अफ़सोस, आईना, आदत, ख़ुशबू, ग़ैर, चाह

दरवाज़े पे चुप-चुप से वह बैठे हैं

विनय wrote 1 year ago: दरवाज़े पे चुप-चुप से वह बैठे हैं दबा के मेरे जैसे तन्हाई वह बैठे हैं उनके दीदार से जो मुझे सुकून है … more →

Tags: रुबाइयाँ, इश्क़, Heart, Love, तन्हाई, दिल, प्यार, मोहब्बत, दरवाज़े

मैं सबसे जुदा-जुदा रहने लगा हूँ1 comment

विनय wrote 1 year ago: मैं सबसे जुदा-जुदा रहने लगा हूँ ख़ुद से यारों ख़फ़ा रहने लगा हूँ कभी दिल कहे उसे अपना बना लूँ कभी दिल … more →

Tags: मेरा गीत, वक़्त, इश्क़, Love, दिल, प्यार, मंज़िल, मोहब्बत, दीवाना

तख़लीक़ हुआ है यह विनय

विनय wrote 2 years ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा, तेरे ही स्पर्श से तख़लीक़ हुआ है यह ‘विनय’ अभी-अभी मेर … more →

Tags: मेरी नज़्म, हासिल, इश्क़, तख़लीक़, Love, प्यार, क़िस्मत, मुक़ाम, मोहब्बत

दर्द

Gaizabonts wrote 2 years ago: जितना होता है, उतनी ही उसकी आदत हो जाती है। जितनी आदत होती है, उतना ही दर्द कम होता है (दर्द कम नहीं … more →

Tags: विचार

कहीं ऐसा ना हो 2 comments

Gaizabonts wrote 3 years ago: अगर यह भाषा में अस्तित्व की खोज है, इस तरह कहीं अस्तित्व ही न खो जाए! … more →

Tags: भाषा, विचार, भाव

उत्तर 10 comments

Gaizabonts wrote 3 years ago: एक जीवन ऐसा ही है आपके द्वार के आगे खटखटाते रह गये आप आयें न पिया आप तो बना गये अपनी ही नियम यहाँ मे … more →

Tags: वार्तालाप, विचार

एक नई शुरुआत 2 comments

Gaizabonts wrote 3 years ago: बहुत दिन हुए, हिन्दी में लिखे हुए। शायद यहाँ, वर्डप्रेस पर और लिखा जायेगा। नई शुरुआत करने के कारण कई … more →

Tags: भाषा

क्या आप उन्हें जानते है?

Gaizabonts wrote 3 years ago: आप जानते है, यहाँ आपके बहुत निष्ठावान प्रशंसक है। -उन्हें मित्र कहें, प्रशंसक नहीं। छोडिये, अब अधिक … more →

Tags: वार्तालाप, विचार


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