स्कूल मे छुटी हो गई थी और मे अपना सामान उठाकर क्लास से बहार नीकला और बस की और चल दिया. बस मे पहुचकर बाकी विद्यार्थीयो का इंतजार किया. कुछ ही देर मे वो भी आ गए. और चालु हुई हमारी बस. बस का माहोल शां… more →
मेरी दुनियाँयोगेन्द्र wrote 8 months ago: मेरी पत्नी एक प्राथमिक पाठशाला यानी प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका हैं । वह और उनकी साथी अध्यापिकाओं क … more →
उत्कर्ष बेंगाणी wrote 10 months ago: स्कूल मे छुटी हो गई थी और मे अपना सामान उठाकर क्लास से बहार नीकला और बस की और चल दिया. बस मे पहुच … more →
उत्कर्ष बेंगाणी wrote 10 months ago: करीबन 6 महीने हो गए है लिखने को. क्यों? मेरी डायरी जो खो गई थी. अब तो पता भी नही चलता की क्या लीखुँ. … more →