इस माह की ‘सम्भाषणसंदेशः’ नामक मासिक संस्कृत पत्रिका में मुझे अधोलिखित नीतिवचन पढ़ने को मिला: दह्यमानाः सुतीव्रेण नीचाः परयशो९ग्निना । अशक्तास्तत्पदं गन्तुं ततो निन्दां प्रकुर्वते ।।१०।। {सुतीव्रेण परय… more →
विचार संकलनयोगेन्द्र जोशी wrote 8 months ago: इस माह की ‘सम्भाषणसंदेशः’ नामक मासिक संस्कृत पत्रिका में मुझे अधोलिखित नीतिवचन पढ़ने को मिला: दह्यमान … more →