ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न, छीने मेरा चैन-ओ-सुकून, देख के नज़रे झुकाना, कयामत ढाए हम … more →
मेरे दिल ने...Amarjeet Singh wrote 3 months ago: ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न, छीने मेरा चैन-ओ-स … more →
Amarjeet Singh wrote 3 months ago: जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी, उनकी खाति … more →
Amarjeet Singh wrote 4 months ago: हँसते है ज़माने मैं और भी कई, दिल से हँस … more →
विनय wrote 7 months ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हम … more →
Rohit Jain wrote 7 months ago: जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है झूमत … more →
विनय wrote 10 months ago: तुमको ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिले तेरे लब … more →