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Blogs about: हँसी

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हँसी4 comments

Maheep Saraf wrote 4 months ago: हिरण हो वन में या तरंग पवन में दीपक हो जैसे तमस सघन में मीठी भोली हँसी तुम्हारी छाव मिली हो भारी तपन … more →

Tags: Hindi Poems: Romantic, Hindi Poems, Romantic, Life, हिन्दी, साहित्य, कविता, hindi, Literature

हँसी

anileklavya wrote 9 months ago: (कविता – हैरॉल्ड पिंटर) हँसी थम जाती है पर कभी नहीं होती खत्म हँसी झुठाने में लगा देती है अपना … more →

Tags: translation, Art, Literature, Poetry, hindi, अनुवाद, साहित्य, कविता, हैरॉल्ड पिंटर

तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं12 comments

विनय wrote 1 year ago: तन्हाई में भी हम दोनों साथ हैं यूँ लगता है मानो हाथों में हाथ हैं वह पहली शाम जब देखा था तुम्हें मैं … more →

Tags: मेरा गीत, चाँद, इश्क़, Love, time, Reminisce, तन्हाई, प्यार, याद

ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: ये उनका कातिल-ऐ-हुस्न, छीने मेरा चैन-ओ-सुकून, देख के नज़रे झुकाना, कयामत ढाए हम पे ज़माना, ये तेरी मस … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, amarjeet singh, अमर, अमरजीत, अमावास, कयामत, कातिल-ऐ-हुस्न

जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: जिंदगी दोस्तों के नाम कर दी, उनकी खातिर जान कुर्बान कर दी, मरने का हमे कोई गम नही, खुशी है दोस्तों क … more →

Tags: अमरजीत सिंह, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, amarjeet singh, गम, खुशी, जिंदगी

हँसते है ज़माने मैं और भी कई...

Amarjeet Singh wrote 1 year ago: हँसते है ज़माने मैं और भी कई, दिल से हँसते पहली बार देखा है, आज मैंने उनको हँसते हुए देखा है, उनकी ह … more →

Tags: अमरजीत सिंह, दिल, amar, amarjeet, अमर, अमरजीत, amarjeet singh, उदास, हँसते

कभी तुम घर आओ ना

विनय wrote 1 year ago: कभी तुम घर आओ ना नाम से मुझे बुलाओ ना हमें यह वादा दे दो आओ तो फिर जाओ ना अपनी हँसी से यह घर सजा दो … more →

Tags: मेरा गीत, इश्क़, Heart, Love, light, Flower, मौसम, दिल, प्यार

जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है1 comment

Rohit Jain wrote 1 year ago: जब से मैने वो हँसी सा पैकर देखा है झूमता गाता हुआ हर मंज़र देख है राह में मिलनेवालों से लेते हैं अपनी … more →

Tags: मेरी गज़लें, 2008 A Poetic Journey, Jan 2008, रोहित, जैन, गज़ल, कविता, Rohit, jain

वो जिसे इश्क़ कहता था

विनय wrote 1 year ago: वो जिसे इश्क़ कहता था वाइज़1 हम उसमें फँस गये बहाये इतने आँसू कि जहाँ खड़े थे वहीं धँस गये न जिगर से ल … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, इश्क़, Heart, Love, Reminisce, दिल, बादल, नसीब, ख़्याल

तुमको सबसे सच्ची दोस्ती मिले

विनय wrote 1 year ago: तुमको ज़िन्दगी की हर ख़ुशी मिले तेरे लबों को मीठी-मीठी हँसी मिले हर दिन तुम्हें बहार का दिन हो कभी न … more →

Tags: मेरी ग़ज़ल, ज़िन्दगी, ख़ुशी, Flower, eyes, Friendship, बहार, मीठी, फूल


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