माज़ी को बहुत खंघालते हैं लोग बेतरह मतलब निकालते हैं लोग हुआ कब मुझ से उनका बुरा किसलिए नाम मेरा उछालते हैं लोग ग़लतफ़हमियों की आदत है उन्हें ग़लतफ़हमियाँ पालते हैं लोग अपनी पे जब बन आयी है तो देखा है किस … more →
तख़लीक़-ए-नज़रविनय wrote 2 years ago: माज़ी को बहुत खंघालते हैं लोग बेतरह मतलब निकालते हैं लोग हुआ कब मुझ से उनका बुरा किसलिए नाम मेरा उछाल … more →