श्री वल्लभ श्री वल्लभ श्री वल्लभ कृपा निधान अति उदार करुनामय दीन द्वार आयो। कृपा भरि नैन कोर देखिये जु मेरी ओर जनम जनम सोधि सोधि चरन कमल पायो॥१॥ कीरति चहुँ दिसि प्रकास दूर करत विरह ताप संगम गुन गान कर… more →
पुष्टिमार्गpushtimarg wrote 1 year ago: श्री वल्लभ श्री वल्लभ श्री वल्लभ कृपा निधान अति उदार करुनामय दीन द्वार आयो। कृपा भरि नैन कोर देखिये … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: श्री वल्लभ मधुराकृति मेरे। सदा बसो मन यह जीवन धन सबहिन सों जु कहत हों टेरे॥१॥ मधुर बचन अरु नयन मधुर … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: प्रगट व्है मारग रीत बताई। परमानंद स्वरूप कृपानिधि श्री वल्लभ सुखदाई॥१॥ करि सिंगार गिरिधरनलाल कों जब … more →
pushtimarg wrote 2 years ago: डोल झूले श्याम श्याम सहेली । राजत नवकुंज वृंदावन विहरत गर्व गहेली ॥१॥ कबहुंक प्रीतम रचक झुलावत कबहु … more →