इश्क़ हर इक का हल नहीं होता मसला हर इक सरल नहीं होता तुझको देखा तो फिर यकीं आया फूल हर इक कँवल नहीं होता दिल जो टूटा है तो मलाल नहीं प्यार हर इक सफ़ल नहीं होता देखो चिलमन में रोशनी है वहां वीरां हर इक म… more →
इक शायर अंजाना सा...wrote 1 year ago: इश्क़ हर इक का हल नहीं होता मसला हर इक सरल नहीं होता तुझको देखा तो फिर यकीं आया फूल हर इक कँवल नहीं ह … more →
wrote 1 year ago: हुस्न पर हर पल नये जमाल रहते हैं चेहरे पे हर मिजाज़ के विसाल रहते हैं मिलने की आरज़ू में और मिलने के ब … more →