१- हँसी ठिठोली, चितचोर की होली राधा लजाई । २- गुलाबी ठंड़ रंगों की बरसात अंगिया भीगी । ३- प्रेम का रंग राधा कान्हा मगन चूनर लाल । ४- उगती धूप गुनगुनाती धरा आया वसंत । ५- अमवा डाल कूकती कोयलिया प्रिय की… more →
अनुभूति कलशramadwivedi wrote 8 months ago: १- हँसी ठिठोली, चितचोर की होली राधा लजाई । २- गुलाबी ठंड़ रंगों की बरसात अंगिया भीगी । ३- प्रेम का रं … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: १- मंड़प बैठी, सरसों गदराई, धरा सिमटी। २- लिपटी कहीं, महकी कहीं और, … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- आधुनिकता नीलामी रिश्तों की खुली दुकान। २- बुरा करम ख … more →