१- हँसी ठिठोली, चितचोर की होली राधा लजाई । २- गुलाबी ठंड़ रंगों की बरसात अंगिया भीगी । ३- प्रेम का रंग राधा कान्हा मगन चूनर लाल … more →
अनुभूति कलशramadwivedi wrote 3 months ago: १- हँसी ठिठोली, चितचोर की होली राधा लजाई । २- गुलाबी ठंड़ रंग … more →
ramadwivedi wrote 1 year ago: १- मंड़प बैठी, सरसों गदराई, धरा सिमटी। २- लिपटी कहीं, महकी कहीं और, … more →
ramadwivedi wrote 2 years ago: १- आधुनिकता नीलामी रिश्तों की खुली दुकान। २- बुरा करम … more →