जय जननी, जय शक्तिदायिनी, नवदुर्गा माँ! १ जय अपर्णा! हिमालय तनया, शैलपुत्री माँ! २ जय भवानी, जय ब्रह्मचारिणी , जय कल्याणी। ३ जय शीतला, जै आह्लादकारिणी, चंद्रघण्टा माँ। ४ जै महोदरी, त्रिविध ताप गर्भा… more →
पसंदprithvi wrote 5 months ago: नई रैंकिंग आईपीएल कमाई कंपनियां ब्रांड खिलाड़ी अधिकारी चीयर लीडर दर्शक क्रिकेट. (20-20 में खिलाडि़ … more →
प्रेमलता पांडे wrote 9 months ago: जय जननी, जय शक्तिदायिनी, नवदुर्गा माँ! १ जय अपर्णा! हिमालय तनया, शैलपुत्री माँ! २ जय भवानी, जय ब् … more →
mehhekk wrote 1 year ago: सुबह की पायल खनकते ही,निशा की गोद से उठकर हम अक्सर उनकी गोद में समा जाते है | बिन कहे ही वो कुछ ऐसी … more →
प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: हाथी निकल गया, बस पूंछ की नोक बाक़ी है। साल बीत गया बस दो दिन बीतने बाक़ी हैं। यह इस साल की सबसे बाद व … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाइकू-गूँज 1.परबतो से टकराई गूँज उठी चारो दिशा में आवाज़ तुम्हारी 2.अख़बार में हर दिन गूंजते है दुनि … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाइकू- नारी 1. ममता से भरी अन्नपूर्णा कहलाती है जन्मदात्रि 2. जिसके बिना सारा जग सुना सु … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाइकू – सवेरा 1. पंछीयो की किलबिल सूरज निकलते ही घरौंदा छोड़े 2. चाँद छुप गया चँदन … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हाइकू- प्रकृति 1.बहती हवाए लहराते हरेभरे खेत … more →
mehhekk wrote 1 year ago: हिन्दी में हाइकू लिखने का हमारा ये पहला प्रयास है| हाइकू – समय 1. रोकना चाहती हूँ … more →
प्रेमलता पांडे wrote 1 year ago: कन्हैया जन्मे त्रिभुवन हरषे पुष्प बरसे। भादौं की रात, कृष्ण-पक्ष अष्टमी, रोहिणीचाल। घिरा तिमिर, ब … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ गुलमोहर दहके संग लेके! अमलतास। २ विघ्नबेलिया चहुँ ओर बहके, क्या तरुणाई! ३ अरी कनेर! क्यों न सकु … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ पसीना बहा, अट्टालिका उठायीं, मालिक कौन? २ श्रम पड़ा है, श्रमजीवी खड़ा है, मशीनी युग! ३ समा … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ ग्वालिन आयी। लाला होरी मचायी। खूब भिगायी॥ २ हाहा … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: कदम्ब छांव। मारे होली के दांव। ब्रज के गांव॥ नंद-यशोदा। … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: १ ले टेसू फूल यमुना जी के कूल, भीगे दुकूल॥ २ वृषभानुजा खेलें होली आ तो जा, ना दे यूं सजा॥ ३ क्य … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: बसंत ऋतु का स्वागत है। बसंत को ऋतुओं का राजा अर्थात सर्वश्रेष्ठ ऋतु माना गया है। इस समय पंच-तत्त्व … more →
प्रेमलता पांडे wrote 2 years ago: श्रावण-मास शुक्ल-पक्ष पूर्णिमा रक्षाबंधन। बहिन-भाई राखी रोली चावल मुँह मिठाई। राखियाँ सोहें भ्राता- … more →