हाल दिल का बताना तुमसे बहुत ही मुश्किल है न जाने कितना, बेशुमार दर्द इसमें शामिल है हर लम्हा ज़िन्दगी को ज़िन्दगी से दूर करता है जाने किस रफ़्तार दोनों का दिल शोर करता है जाने अन्जाने मुझसे कितनी गुस्ताख… more →
तख़लीक़-ए-नज़रK.VERMA wrote 3 weeks ago: मुझको न मिलो तुम , कोई गम नही॥ तुम्हारे पास होने का अहसास , मिलने से कम नही ,, तुम कहीं भी हो हवाएं … more →
विनय wrote 1 year ago: हाल दिल का बताना तुमसे बहुत ही मुश्किल है न जाने कितना, बेशुमार दर्द इसमें शामिल है हर लम्हा ज़िन्दगी … more →
विनय wrote 1 year ago: चाँद गवाह है मेरे प्यार का क्या यही ख़्याल है, मेरे यार का कुछ न ख़बर हुई उस पल की कुछ न पता चला उस … more →
विनय wrote 1 year ago: हम सनम जब भी तुमसे मिलते हैं तेरे दिल की धड़कनों को सुनते हैं लेकिन कुछ समझ में नहीं आता है तुमको दे … more →
विनय wrote 1 year ago: हम जितना करते हैं’ ग़लत करते हैं गर सही भी करते हैं तो ग़लत करते हैं तुमको बतायेगा कौन ख़ुदा भी … more →