विनय प्रजापति wrote 5 months ago: आसमाँ को आज उसका हक़ पहुँचा यह तीर जो मे … more →
विनय प्रजापति wrote 7 months ago: यह कारवाँ किस जगह आ रुका है ज़िन्दगी को … more →
विनय प्रजापति wrote 8 months ago: मुझे तुमसे मिलके मुकम्मिल होने का वक़् … more →
विनय प्रजापति wrote 11 months ago: मेरे ही हाथों में टूटा है दम मेरा तेरे … more →