Blogs about: हास्य्

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"बडा दिन"4 comments

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “बडा दिन” ***राजीव तनेजा*** “बात पिछले साल की है….चार दिन थे अभी  त्योहार आन … more →

Tags: व्यंग्य

"ठण्डे-ठण्डे पानी से नहाना चाहिए"

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “ठण्डे-ठण्डे पानी से नहाना चाहिए” ***राजीव तनेजा*** “क्या मियाँ!….?” … more →

Tags: व्यंग्य, चिट्ठाजगत, चिट्ठा

"मेरी कहानी नवभारत टाईम्स पर"1 comment

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “मेरी कहानी नवभारत टाईम्स पर”22.10.2007 को नवभारत टाईम्स में मेरी कहानी छपी है … more →

Tags: व्यंग्य, चिट्ठाजगत, चिट्ठा

"कुछ जतन करो मेरे भाई"

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “कुछ जतन करो मेरे भाई” ***राजीव तनेजा*** ना रहा अब दिन को चैन ना रही अब रातों की नींद सु … more →

Tags: व्यंग्य

"मंगल-कामना"1 comment

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “मंगल-कामना” ***राजीव तनेजा*** “दिपावली की शुभ मंगल-कामनाएँ आप सभी को…. … more →

Tags: व्यंग्य, चिट्ठा

"हाँ मैँ सरदार हूँ"2 comments

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “हाँ मैँ सरदार हूँ” ***राजीव तनेजा*** “अब यार!…इन लडकियों को हमारा सरदार पसन … more →

Tags: व्यंग्य

"बधाई हो बधाई"1 comment

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “बधाई हो बधाई” ***राजीव तनेजा*** “बधाई हो बधाई….आप बाप बनने वाले हो” … more →

Tags: व्यंग्य

"सलाम-नमस्ते"

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “सलाम-नमस्ते” ***राजीव तनेजा*** “हॉय!….”.. “हैलो!….” … more →

Tags: व्यंग्य

"चौथा खड्डा"4 comments

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “चौथा खड्डा” बंता:संता सिंह जी!..ये खड्डा किसलिए खोदा जा रहा है?” संता:ओ!..कुछ नही … more →

"गधे के पीछे गधा"3 comments

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “गधे के पीछे गधा” “सरदार संता सिंह अँग्रेज़ी का माना हुआ टीचर था” “उनके … more →

"स्टिंग आप्रेशन"4 comments

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “स्टिंग आप्रेशन” ***राजीव तनेजा*** “हद हो गयी इन’स्टिंग आप्रेशनों’की … more →

Tags: व्यंग्य

"दुनिया आपकी जेब में"3 comments

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “दुनिया आपकी जेब में” ***राजीव तनेजा*** “हाँ!. ..हाँ!…. “जी हाँ” … more →

"क्या मालूम कल हो ना हो?"1 comment

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “क्या मालूम कल हो ना हो?” “राजीव तनेजा “ “अजी सुनते हो!…” … more →

Tags: व्यंग्य

"क्या से क्या हो गया?"2 comments

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: ***राजीव तनेजा*** “मैने उसे क्या समझा?और…वो क्या निकली” “दिल ऐसा किसी ने मे … more →

"बुरा दिन"

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “बुरा दिन” ***राजीव तनेजा*** “मुँह में जो पानी ने आना शुरू किया तो फिर रुकने का ना … more →

Tags: व्यंग्य, चिट्ठा, चिट्ठाजगत

"है बस यही अरमान"1 comment

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago:  ”है बस यही अरमान” “देखा ना हाय रे!…. सोचा ना हाय रे!…. रख दी निशाने प … more →

Tags: व्यंग्य

"नया मेहमान"

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “नया मेहमान”   ***राजीव तनेजा*** “आजकल तबियत कुछ ठीक नहीं रहती थी…. सो! … more →

"आओ तौबा करें"

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “आओ तौबा करें”    ***राजीव तनेजा*** “कभी सोचा भी ना था कि ऐसा होगा”… … more →

Tags: व्यंग्य

"बिन माँगे मोती मिले"2 comments

राजीव् तनेजा wrote 1 year ago: “बिन माँगे मोती मिले”   ***राजीव तनेजा*** “बात सर के ऊपर से निकले जा रही थी” … more →

Tags: व्यंग्य


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