Blogs about: हास्य कविता
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क्या क्रिकेट की पुनःप्रतिष्ठा इंटरनेट के लिये चुनौती है?
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: मुझे याद है जब पिछली बार मैं ब्लाग बना … more »
रुक्सत
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Shubhashish Pandey wrote 1 week ago: (ये कविता मैंने २००५ में अपने seniours के लि … more »
श्रृंगार रस में आधुनिक कवितायें-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: आया एक आशिक का ईमेल लिख था उसमें ‘‘दीप … more »
फोर्थ इयर में आ के
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Shubhashish Pandey wrote 2 weeks ago: फोर्थ इयर में आ के जिदगी हो गई जंजाल है, … more »
जूली - A real story
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Shubhashish Pandey wrote 3 weeks ago: जमाने के सितम ने कर दिया बहुत बुरा हाल … more »
बंधे सबके अपनी मजबूरी से हाथ-हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: यूं दर्द बांटने चले थे जमाने के साथ शा … more »
ये सेंसेक्स (हास्य व्यंग)
Shubhashish Pandey wrote 1 month ago: 1) सन सन कर के दौड़ रहा है जब से ये सेंसेक … more »
झा बाबू B-TECH-2nd PART(हास्य कविता)
Shubhashish Pandey wrote 1 month ago: second year में आके एक दिन झा जी निकले घूमने, ऊ … more »
जिंदगी के आसरे-कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: जिंदगी के सफर में कभी जाने तो कभी अनजा … more »
झा बाबू B.Tech
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Shubhashish Pandey wrote 1 month ago: कॉलेज का ये घटनाक्रम शुरु हुआ कुछ इस प … more »
आसुओं से बरसते हैं जज्बात
Shubhashish Pandey wrote 1 month ago: 1) मायूसी भरे होते हैं हालात, आसुओं से ब … more »
जो बडे हैं वह कभी संयम नहीं गंवाते-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आया फंदेबाज और बोला ”क्या दीपक बापू … more »
वही कहलाता है असली सम्मान-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अपने सीने में दर्द छिपाये हर समय इधर-उ … more »
ब्लोग पर कमेन्ट को ही गुलाल और पकवान समझना-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अंतर्जाल पर अपनी प्रेमिका को लुभाने क … more »
दिल का राज, सिर का ताज -हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अपने दिल में ही बने रहें राज बस वही राज … more »
सुनने से पहले ही लोग भूल जाते बात-कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: पहले तोड़कर फिर जोड़ने की बात पहले रुल … more »
कवि मन को कभी नहीं समझ पाओगे-कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कवि से उसने कहा ‘तुम कवितायेँ ही लिख … more »
तरक्की का यही है खेल-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: पढें फारसी बेचें तेल पढें अंग्रजी खाल … more »
असली विजेता कहलाते हैं वही-कविता साहित्य
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दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: निठल्ले करते हैं काम की बातें और जो कर … more »
