अध्यात्म नितांत एक निजी विषय है पर जब उसकी चौराहे पर चर्चा होने लगे तो समझ लो कि कहीं न कहीं उसकी आड़ में कोई अपनी सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ा रहा है तो कोई अपना व्यवसाय कर रहा है। जब कहीं सार्वजनिक रूप से… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 13 hours ago: प्रवचन करते समय गुरुजी ने भक्तों को समझाया। ‘‘भ्रष्टाचार करना होता बहुत बड़ा शाप दहेज समाज के लिये ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 day ago: अध्यात्म नितांत एक निजी विषय है पर जब उसकी चौराहे पर चर्चा होने लगे तो समझ लो कि कहीं न कहीं उसकी आ … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: वह शिक्षित बेरोजगार युवक संत के यहां प्रतिदिन जाता था। उसने देखा कि उनके आशीर्वाद से अनेक लोगों की … more →
दरभंगिया wrote 2 weeks ago: बहुत दिनों बाद यह किस्सा याद आया, तो सोचा आप लोगों से भी बाँट लूं. हो सकता है आप ने पहले भी सुना हो. … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: जिन कहानियों में हर पल क्लेशी पात्र सजाये जाते उसी पर बने नाटक सामाजिक श्रेणी के कहलाते सच है समाज … more →
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: उनके चेहरे पर बटन की तरह टंगी आंखें कपड़े और किताबों के पिंजर से बाहर झांकती दिखती है। ऐसा लगता है क … more →
दरभंगिया wrote 1 month ago: प्रश्न: बेटे और गधे में क्या फर्क है? उत्तर: कमाने वाला बेटा कहलाता है और दूसरा गधा. प्रश्न: लड़किया … more →
दरभंगिया wrote 1 month ago: अगर बंगलोर बिहार में होता तो सड़क पर विचरने वाली गायों को देखकर फिकरे कसे जाते “मंत्री जी हटिये … more →
दरभंगिया wrote 1 month ago: एक बार पागलों को ले कर जाने वाली एक गाड़ी के ड्राईवर को रास्ते में ही दीर्घ शंका की तत्काल आवश्यकता म … more →
K M Mishra wrote 1 month ago: राहुल गांधी ने चुनाव के पहले 2 महीने तक द्रोणाचार्य पुरूस्कार विजेता मुक्केबाजी कोच श्री ओम प्रकाश … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: देश की एक टेलीफोन कंपनी में कर्मचारियों की हड़ताल हो गयी तो उसके इंटरनेट प्रयोक्ताओं को भारी परेशानी … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: फिल्म का नाम था ‘नौकरानी ने बनी रानी’ जोरदार थी कहानी। निर्देशक ने अभिनेत्री से कहा ‘आधी फिल्म में म … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: शादी में वह बच्चा अपने मां बाप और दादा के साथ गया। शादी उच्च घराने की थी। वहां तमाम तरह का तामझाम थ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सूरत देखकर ही लोग सिर पर ताज पहनाते हैं किसकी सीरत कौन देखेगा अपने काम पर लोग खुद ही शर्माते हैं. कह … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह विशेष बुत अपना भाषाण दे रहा था। उसका विषय था समाज की समस्यायें और उनका हल। उसने अपना भाषण समाप्त … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: वह युवक गरीब था तब संत के पास जाता था। वह उनके यहां आश्रम की साफ सफाई करता और फिर अपने काम पर चला ज … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कुर्सी पर चाहे लिपिक लिखा हो या महाप्रबंधक बस वह मिलना चाहिए। अपने घर में जिस पर स्वयं बैठ सकें वह ल … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कहीं न्यूजीलैंड में इस बात को लेकर लोग नाराज है कि ‘हनुमान जी पर कंप्यूटर गेम बना दिया गया है और बच् … more →