अमन का फरिश्ता बनने के लिये पहले इस जहां में आग लगा दो फिर उसे बुझा दो। खड़ा कर दो किराये का शैतान जिससे लड़ो नकली लड़ाई तना रहे जब तक तुम चाहो फिर उसे अपने सामने झुका लो। ऐसे ही अफसाने खेलते हुए अपना ना… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकाjagadees wrote 2 weeks ago: महाराष्ट्र विधानसभा में हिन्दी बोलनॆवाला विधायक के खिलाफ एमएनएस और राज ठाकरे के विद्रोह कॆ बारॆ मॆ आ … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: श्रृंगार रस का कवि पहुंचा हास्य कवि के पास लगाये अच्छी सलाह की आस और बोला ‘यार, अब यह कैसा जमाना आया … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अमन का फरिश्ता बनने के लिये पहले इस जहां में आग लगा दो फिर उसे बुझा दो। खड़ा कर दो किराये का शैतान जि … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: छायागृह में चलचित्र के एक दृश्य में नायक घायल हो गया तो एक महिला दर्शक रोने लगी। तब पास में बैठी दूस … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: एक बेकार आदमी साक्षात्कार देने के लिये जा रहा था। रास्ते में उसका एक बेकार घूम रहा मित्र मिल गया। उस … more →
राजीव् तनेजा wrote 5 months ago: ***राजीव तनेजा*** “रुक…अबे रुक"…. "ज्जी…मैँ?"…. "ओर तेरा … more →
राजीव् तनेजा wrote 5 months ago: ***राजीव तनेजा*** "बोल बम चिकी बम चिकी बम…बम….बम" "बम….बम…बम … more →