Blogs about: हिंदी कविता

Featured Blog

बापू ने दिया है

प्रवीण wrote 1 week ago: आज की मायावादी दुनिया में, कुछ मायावादी है… आसमान पर थूकते है. और भूल जाते है, यह स्वतंत्र आसम … more →

Tags: कविता

पक्ष विपक्ष1 comment

प्रवीण wrote 1 week ago: पक्ष: चुनाव हुआ. नयी सरकार बनी. सरकार धर्मनिरपेक्ष है. आरक्षण के पक्ष में है, गरीबो के बारे में … more →

Tags: कविता

नहीं जानते ...1 comment

प्रवीण wrote 1 week ago: प्यार क्या है! वो नहीं जानते … हर मुस्कुराहट को ख़ुशी समझे लेते है ! प्यार क्या है! हम नहीं ज … more →

Tags: कविता

इस रात का क्या करे...7 comments

प्रवीण wrote 2 weeks ago: आपकी याद में दिन गुजर जाता है पर इस रात का क्या करे… जो आ कर रुक सी जाती है! ये आपका चाँद … more →

Tags: कविता

जिंदिगी क्या है!

प्रवीण wrote 2 weeks ago: चाँदनी रात है और … मेरी तन्हाई है ! जिंदिगी क्या है! मैं अनगिनत तारो में खोज रहा हू! हर तारा आ … more →

Tags: कविता

क्या लिखों मैं उनकी याद में

प्रवीण wrote 2 weeks ago: उनको अच्छा लगता है !मेरा गुन गुनाना… मेरा लिखना … क्या लिखों मैं उनकी याद में… जब … more →

Tags: कविता

भारत के शिक्षित लोगों का बौद्धिक अंतर्द्वंद्व -आलेख

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: भारत का शिक्षित वर्ग हमेशा ही मानसिक द्वंद्व में फंसा दिखता है जो पश्चात्य सभ्यता के समर्थन और विरो … more →

Tags: आलेख, कथा साहित्य, दीपक भारतदीप, व्यंग्य, शब्द, हिंदी, हिंदी पत्रिका, हिंदी साहित्य, हिन्दी

कभी नहीं लगने देंगे नैया पार-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: बना लिया है पूरी दुनिया को उन्होंने अपना एक बड़ा बाजार चला रहे सभी जगह अपना व्यापार पर टुकड़ों में ब … more →

Tags: inglish, हास्य व्यंग्य, हास्य, व्यंग्य, hindi kahani, India, Friends, web dunia, web bhaskar

कभी खुशियों के साथ बहती यह जिंदगी-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: कहीं लगी आग है कहीं बरसती बहार कहीं है खुशी खेलती कहीं गम करते प्रहार शोक मनाओ मूंह फेर जाओ जीवन के … more →

Tags: Blogroll, साहित्य, Education, Friends, Blogging, web duniya, web dunia, दीपक भारतदीप, hindi megzine

रात भुलावा, सुबह छलावा-हिंदी कविता1 comment

दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: चिल्ला चिल्ला कर वह करते हैं एक साथ होने का दावा यह केवल है छलावा मन में हैं ढेर सारे सवाल जिनका जव … more →

Tags: India, सन्देश, साहित्य, दीपक भारतदीप, web dunia, web duniya, web bhaskar, web jagran, Internet

धूल ने क्लर्क को सिखाया-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: बहुत दिन बाद ऑफिस में आये कर्मचारी ने पुराना कपडा उठाया और टेबल-कुर्सी और अलमारी पर धूल हटाने के लिए … more →

Tags: bharat, India, व्यंग्य, कविता, hasya, सन्देश, साहित्य, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप

प्यार बिकता हैं यहां-हिंदी शायरी

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: जब भी हम ढूढ़ते हैं अपने लिए प्यार पर मिलती है सब जगह से दुत्कार खुद करो चाहे किसी से भी तुम मांगो … more →

Tags: abhivyakti, मस्तराम, सन्देश, साहित्य, हिन्दी, bharat, Deepak bharatdeep, editoriyal, Enternment

वफा मुफ्त में नहीं मिलती-हिंदी शायरी4 comments

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: वफा अब मुफ्त में नहीं मिलती अगर दाम देने की ताकत हो पास तो बेचने वाले सौदागरो की भीड़ दिखती ओ बाजार … more →

Tags: अनुभूति, कला, मस्तराम, व्यंग्य, साहित्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर, Blogging

आम पाठक की प्रतिक्रिया की बन सकती है अंतर्जाल लेखकों की प्रेरणा-संपादकीय

दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: इस सप्ताह मैंने कोई ऐसा पाठ या रचना नहीं लिखी जिसकी चर्चा की जा सके। वजह यह रही कि बरसात के मौसम में … more →

Tags: Kavita, काव्य, कविता, चिन्तन, शायरी, हास्य व्यंग्य, व्यंग्य, hasya, vyangya

इस पत्रिका के पहले औपचारिक अंक का विमोचन1 comment

दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: आज से यह पत्रिका प्रत्येक शनिवार को नियमित रूप से प्रकाशित होगी। इसका लेखन एवं संपादन एक स्वयंसेवी … more →

Tags: hindi, inglish, आलेख, हास्य व्यंग्य, vyangya, web dunia, web bhaskar, web navabharat, अभिव्यक्ति

खेल ये है अपनी पसंद का1 comment

gulkand wrote 1 year ago: खेल ये है अपनी पसंद का, खेलतें ही जाएंगे। चाहें धोका लाख खाए, प्यार लुटाते जाएंगे। भुल अपनी भुलने को … more →

Tags: हिंदी गझल, हिंदी गीत, हिंदी साहित्य, hindi gazal, Hindi Literature, hindi sahitya, Hindi Songs

सुबह से शाम तक2 comments

gulkand wrote 1 year ago: सुबह से शाम तक गुनगुनाता रहुगा। मै तेरे प्यार के गीत गाता रहुगा। दुनिया ये चाहें रहे ना रहेगी, मैं त … more →

Tags: हिंदी गझल, हिंदी गीत, हिंदी साहित्य, hindi gazal, Hindi Literature, hindi sahitya, Hindi Songs

क्या बताऊं?

gulkand wrote 1 year ago: क्या बताऊं यार के, कयामत मेरे साथ हुई। एकबार मुस्कुराकर वो मेरे मौत का सामान कर गई। वो मुझे देखकर भी … more →

Tags: हिंदी गझल, हिंदी गीत, हिंदी साहित्य, hindi gazal, Hindi Literature, hindi sahitya, Hindi Songs

मांगा तो नही था2 comments

gulkand wrote 1 year ago: देख के हमें क्यूं, मूंह फेर लिया सितमगर, तेरी मुस्कान के अलावा कुछ और, मांगा तो नही था। देख के उखड ज … more →

Tags: हिंदी गझल, हिंदी गीत, हिंदी साहित्य, hindi gazal, Hindi Literature, hindi sahitya, Hindi Songs


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS

Find other items tagged with “हिंदी-कविता”:
Technorati Del.icio.us IceRocket