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Blogs about: हिंदी कविता

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एक बचपन उसने जिया (बाल दिवस विशेष)2 comments

Nidhi KM wrote 6 days ago: एक कमरा सपनो  भरा, फर्श मखमली, छत सितारों भरीं, दीवारें रंगों सजीं, खिड़कियाँ फूलों रंगीं, सपने कहीं … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, 14 November, आकाश, एक, खिड़कि, छत, छाँव

कश्मीर1 comment

प्रवीण wrote 3 weeks ago: स्वर्ग को चूम, खुशीओं की हवायें बिखर गई, अनजान अनदेखी दिशाओं में, जब जब घाटी में जली बर्फ़, सपनों को … more →

Tags: कविता, कविता ब्लॉग, हिंदी ब्लॉग, कश्मीर, Hindi Poem, Kavita, Hindi Kavtia, घाटी, स्वर्ग

नवयुवती 1 comment

Nidhi KM wrote 3 weeks ago: सड़क के गढ्ढों मे, डोलता हुआ, आटो चला जा रहा था, एक स्टॉप मे, नवयुवती के चढ़ते ही, सारी नज़रे उस पर … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, nidhi, Social, अपमान, जवान, नज़र, नवयुवती

मेरे दिन रात 1 comment

प्रवीण wrote 1 month ago: दिन, दिन तू ये कहने को है ! रात, रात तू ये कहने को है! हमारी रात तू तब होती है, जब आपकी जुल्फ़ की चि … more →

Tags: कविता, कविता ब्लॉग, हिंदी ब्लॉग, दिन, रात, Hindi Poem, Kavita, Hindi Kavtia

अब1 comment

Nidhi KM wrote 2 months ago: 1) पहले :- बिन दस्तक, बिन आहट के, तुम मेरे दिल तक आए, कुछ यूँ समाए की, दूजी, सारी दस्तकें, सारी आहटे … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., आवाज़, आहत, तुम, तुम्हारी, दरवाज़े, दस्तक, दिल

आपकी जुल्फों 1 comment

प्रवीण wrote 2 months ago:   ये आपकी बिखरी जुल्फ की ख़ता है, हम नहीं जानते ! ये मेरा दिल भी धराकता है,  हम इतना जानते है!  … more →

Tags: कविता, कविता ब्लॉग, जुल्फ, हिंदी ब्लॉग, Hindi Kavtia, Hindi Poem, Love

कुछ पंक्तियाँ

Nidhi KM wrote 3 months ago: चलते थे जिस ज़मीं पर, संभल संभल कर हम, सरकी वही ज़मी  नये कदम उठाने के पहले, आसमान से तो पानी बरसता … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, Social, आग, आसमान, कदम, ग्रहण, ज़मीं

चाहे जले हमारा जहाँ 2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: चाहे जले हमारा जहाँ, रौशन रहे उनका जहाँ, जहाँ रहे चाहत हमारी… न आए उन पर, कोई भी आँच, जहां की … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, छनिकाएँ, दिल से दिल की बात..., किस्मत, खुशि, तुम्हे, दुआ, रौशन

( तूफ़ानों से लड़ने वाले )2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: तूफ़ानों से लड़ने वाले, हवा के झोको से नही डरते… इन्सान को तलाशने वाले, परछाईयों के पीछे, भगा … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, Social, झोको, तूफ़ान, परछाई, पहचान, यादें, लड़ने

~ मैं नदी थी ~3 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: मैं नदी थी प्यासी सी तुम सागर से मिलने चली थी मिलकर सागर मे ये जाना मैं ही अकेली, प्यासी नही थी सागर … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., तुम, नदी, प्यासे, मैं, सागर, Blessings, Love

वो मेरा दिल नही होगा2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: बारीशों मे भीगे जो, बादल से बरसे जो, कारण से धड़के जो, यादों मे रोए जो, वो मेरा दिल नही होगा… … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., Social, दिल, बादल, बारिश, याद, Blessings, Love

संघर्षों का जीवन ये उस दिन पूरा हो जाएगा 1 comment

Nidhi KM wrote 4 months ago: नन्ही, कोमल सी, पंख पसारे, उड़ती थी  स्वछ्न्द गगन मे, हवाए ठंडी लगती थी, नील गगन दिखता था, ना कोई डर … more →

Tags: कविताएँ, जीना, जीवन, संघर्षों, nablopomo09, nidhi, Pain, Poem

छोटे-छोटे सपने कब बड़े हो गये?2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: छोटे छोटे सपने थे, पास मेरे सब अपने थे, न थी चाह, आसमान मे उड़ाने की, धरती ही मेरी अपनी थी, बड़ा सोच … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, अधूरे, आसमान, उड़ाने, दिल, धरती, राह, सपने

सुख मे ना सही , दुख मे मुझे हमेशा अपने पास पाओगे... 2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: तपती धूप मे , दुख के तूफ़ानों मे ग़म की परछाईयों मे , अंधेरी रातों मे भटकी हुई राहों मे , अनजानी मन् … more →

Tags: कविताएँ, छनिकाएँ, अकेले, तुम, तुम्हारे पास, दुखि !, मैं, Blessings, Love

तेरी ज़िंदगीं में कभी1 comment

Nidhi KM wrote 4 months ago: तेरी ज़िंदगीं में कभी, धूप की तपन  न हो, हो ज़रा भी आशंका, मेरा आंचल, तेरे सर पर हो, तेरी राहों मे क … more →

Tags: कविताएँ, दिल से दिल की बात..., आशीर्वदों का, कामना, कारवाँ तेरे संग चलते, खुशि, दुआ, Blessings, Love

- कहा करते थे -3 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: 1) “वो”, मुझसे, बेइंतहाँ प्यार करता था, ऐसा वो और लोग मुझसे कहा करते थे, मेरे कारण उसके … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, अपनाया, ठुकराया, पगली, पागल, प्यार, बेवफ़ाई, Blessings

मैं अब जीने लगी हूँ...2 comments

Nidhi KM wrote 4 months ago: कुतर दिए है, पंख अपने, जिनसे उँची उड़ान भारी थी, नील गगन मे, स्वच्छन्द उड़ चली थी, तोड़ दिए है, सब स … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., जीने, पंख, मैं, सपने, Blessings, hindi kavita

तुम याद आई इतना1 comment

प्रवीण wrote 1 month ago: जिंदिगी का हर पल , सदियों में बदल गया, तुम याद आई इतना ! एक बूंद की प्यास में, मैं सागर पी गया, तुम … more →

Tags: कविता, कविता ब्लॉग, हिंदी ब्लॉग, याद, जिंदिगी, सागर, Hindi Poem, Kavita, Hindi Kavtia

तुम 6 comments

Nidhi KM wrote 1 month ago: तुम बहुत मीठा बोलते हो, हर शब्द को, चाशनी मे घोलते हो, मिशरी की तरह, रस घोलते हो, न कड़वा बोलते हो, … more →

Tags: कविताएँ, कुछ पंक्तियाँ, दिल से दिल की बात..., कड़वा, तीर, तुम, मीठा, शब्द, सच


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