एक बेकार आदमी साक्षात्कार देने के लिये जा रहा था। रास्ते में उसका एक बेकार घूम रहा मित्र मिल गया। उसने उससे पूछा-‘कहां जा रहा है? उसने जवाब दिया कि -‘साक्षात्कार के लिये जा रहा हूं। इतने सारे आवेदन भे… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 4 months ago: पिता ने अपनी पूरी जिंदगी छोटी दुकान पर गुजारी और वह नहीं चाहते थे कि उनका पुत्र भी इसी तरह अपनी जिंद … more →
दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: एक बेकार आदमी साक्षात्कार देने के लिये जा रहा था। रास्ते में उसका एक बेकार घूम रहा मित्र मिल गया। उस … more →
दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: सरकारी अस्पताल में एक सफाई कर्मचारी ने एक तीन साल के बच्चे के गले का आपरेशन कर दिया। उस बच्चे के गले … more →
दीपक भारतदीप wrote 8 months ago: ———————- भीड़ में पहचान बनाने की कोशिश! बिल्कुल निरर्थक है। … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: वह लेखक मंदिर के अंदर गया और वहां से बाहर लौटा तो गेहूंआ कुर्ता और सफेद धोती पहले और माथे पर लाल तिल … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: ‘अरी, सुनती हो 13 नंबर वालों की लड़की भाग गयी’ ‘किसके साथ’’ ‘अरे, भागी किसके साथ होगी? तुम्हारे अंदर … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: हम घर से बाहर निकल कर जैसे सायकल से सड़क पर आये तो एक सज्जन मिल गये और हमसे बोले-‘कहां जा रहे हो।’ … more →
दीपक भारतदीप wrote 1 year ago: तासौं ही कछु पाइए, कीजै जाकी आस रीते सरवर पर गए, कैसें बुझे पियास कवि रहीम कहते हैं कि उसी व्यक्ति क … more →
दीपक भारतदीप wrote 2 years ago: पति पत्नी का बैंक में संयुक्त खाता था. पत्नी को रोज सुबह टीवी पर आने वाले ज्योतिष कार्यक्रम में बहुत … more →