खेल ये है अपनी पसंद का, खेलतें ही जाएंगे। चाहें धोका लाख खाए, प्यार लुटाते जाएंगे। भुल अपनी भुलने को, है अक्सीर ये इलाज, चिज कितनी भी बुरी हो, युँही पीते जाएंगे। गम का दुसरा नाम ही, ये जिंदगी है प्यार… more →
हिंदी गझलgulkand wrote 1 year ago: खेल ये है अपनी पसंद का, खेलतें ही जाएंगे। चाहें धोका लाख खाए, प्यार लुटाते जाएंगे। भुल अपनी भुलने को … more →
gulkand wrote 1 year ago: सुबह से शाम तक गुनगुनाता रहुगा। मै तेरे प्यार के गीत गाता रहुगा। दुनिया ये चाहें रहे ना रहेगी, मैं त … more →
gulkand wrote 1 year ago: क्या बताऊं यार के, कयामत मेरे साथ हुई। एकबार मुस्कुराकर वो मेरे मौत का सामान कर गई। वो मुझे देखकर भी … more →
gulkand wrote 1 year ago: देख के हमें क्यूं, मूंह फेर लिया सितमगर, तेरी मुस्कान के अलावा कुछ और, मांगा तो नही था। देख के उखड ज … more →
gulkand wrote 1 year ago: ना जमीं अपनी है, ना फलक अपना है। बस इक मौत के सिवा, क्या यहां अपना है॥ आस थी दिल को के वो बनेंगे अपन … more →
gulkand wrote 1 year ago: तंग आ गये है जिंदगी से, अब मौत चाहीए। इस जल-जल के मरने का, कोई अंत चाहीए। खैरातें बाटीं है कई, खुदा … more →
gulkand wrote 1 year ago: क्या पता वो क्युं, चुपचुप से रहते हैं, डरतें है के हँसते ही कही मोती ना बिखर जाए। उनकी आंखों में कोई … more →
gulkand wrote 1 year ago: हे नारी, तू शक्ती है, तू भक्ती है तू ममता की, साक्षात मूर्ती है। तुझसे निपजता सारा जीवन, तूझमें विहर … more →
gulkand wrote 1 year ago: हँस के क्या देखा उन्होने, के निशाने बन गए। बात तो बस छेडी ही थी, और अफ़साने बन गए। कहते थे दुसरोंको, … more →