Lost your password?

Blogs about: हिंदू

Featured Blog

चाणक्य नीति-संतोष से ही अमृत मिलता है

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: संतोषाऽमृत-तुप्तानां यत्सुखं शान्तचेतसाम्। न च तद् धनलूब्धानामितश्चयेतश्च धावताम्।। हिंदी में भावार् … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, समाज, सूचना, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, अध्यात्म, ज्ञान

भर्तृहरि नीति शतक-धन की ऊष्मा से रहित मनुष्य क्या रह जाता है (heat of money-hindu sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि  ————————— … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, आलेख, कला, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, सन्देश, समाज

भर्तृहरि नीति शतक-कविताओं से बहकाया जाता है (hindi santdesh-kavitavon se bharam

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि ————————- सत्यत्वे न शशा … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu

बुढ़ापे में कुछ नहीं सीख सकते-हिन्दू अध्यात्मिक संदेश (In old age can not learn anything - Hindu spiritual message)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————— यावत्स्वस्थमिदं शरीरमरुजं याव … more →

Tags: aritile in hindi, दीपक भारतदीप, मस्त राम, समाज, हिन्दी, Deepak bharatdeep, hindu darashan, hindu dharm, hindu thinking

भर्तृहरि नीति शतक-पैसा खत्म होने पर आदमी में जोश नहीं रहता (heat in money-hindi massege)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि  ————————— … more →

Tags: Blogroll, writing, हिन्दी, inglish, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, India, सूचना, अनुभूति

चाणक्य नीति-गलत संपर्क से आदमी बर्बाद होता है

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: ग्रहीत्वां दक्षिणां विप्रास्त्यजन्ति यजमानकम्। प्राप्तविद्यां गुरुं शिष्या दग्धाऽरण्यं मृगास्तथा। हि … more →

Tags: Blogroll, Hindi friends, Hindi knowledge, bharat, hindi abhivyakti, hindi chating, hindi megzine, hindi bhasha, hindi internet

कबीर के दोहे- दिखावटी भक्ति संकट में छूट जाती है (sankat aur bhakti-kabir ka dohe)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: संत शिरोमणि कबीर दास जी कहते हैं ————————– देख … more →

Tags: दीपक भारतदीप, हिन्दी, Deepak bharatdeep, Hindi writing, India, inglish, web bhaskar, web bharat, web dunia

संत कबीर के दोहे-भक्त नारी से रानी भी बराबरी नहीं कर सकती (kabir ke dohe-bhakt nari se rani)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: दुखिया भूखा दुख कीं, सुखिया सुख कौं झूरि सदा अजंदी राम के, जिनि सुख-दुख गेल्हे दूरि संत शिरोमणि कबीर … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आध्यात्म, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi abhivyakti, Hindi Blogging, Hindi Darshan

कबीर वाणी-प्यार को सही ढंग से कोई नहीं समझता(kabir vani-pyar ka gyan)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: प्रेम-प्रेम सब कोइ कहैं, प्रेम न चीन्है कोय जा मारग साहिब मिलै, प्रेम कहावै सोय संत शिरोमणि कबीरदास … more →

Tags: Anubhuti, arebic, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, दोहे, धर्म, सन्देश

चाणक्य नीति-प्रतिकार प्रतिहिंसा और प्रतिकार के भाव में दोष नहीं (chankya niti-time to time, life style)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: संसार विषवृक्षस्य द्वे फले अमृतोपमे। सुभाषितं च सुस्वादु संगतिः सुजने जनै।। हिन्दी में भावार्थ-नीति … more →

Tags: alekh, Anubhuti, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, सन्देश

संत कबीर के-रात के सपने निराशा का भाव पैदा करते हैं (sant kabir-rat ke sapne aur nirasha)

दीपक भारतदीप wrote 3 months ago: कबीर सपनें रैन के, ऊपरी आये नैन जीव परा बहू लूट में, जागूं लेन न देन संत शिरोमणि कबीरदास जी का आशय य … more →

Tags: abhivyakti, adhyatm, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, दोहे, मस्त राम

मनु स्मृति-भक्ति में भी व्यापार करता हैं इंसान (bhakti men bhee vyapar-manu smruti

दीपक भारतदीप wrote 4 months ago: मनु महाराज कहते हैं कि —————- कि वेदैः स्मृतिभिः पुराणपठनैः शास्त्रेर् … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, adhyatm, उपनिषद

भर्तृहरि शतक-बुरे संस्कार बुढ़ापे तक साथ रहते हैं

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: भर्तृहरि महाराज कहते हैं कि —————— तानींद्रियाण्यविकलानि तदेव ना … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आलेख, मस्तराम, संस्कार, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging

संत कबीर वाणी-दीनानाथ तो निराधार के ग्राहक हैं

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: चतुराई हरि ना मिलै, ए बातां की बात एक निस प्रेमी निराधार का गाहक गोपीनाथ संत कबीरदास जी का आशय यह है … more →

Tags: writer, हिंदी आलेख, Hindi writing, Deepak bharatdeep, दीपक भारतदीप, web bhaskar, web jagran, web panjab kesri, web sindh kesri

चाणक्य नीति-जो विद्या काम की न आये उसे पाना व्यर्थ

दीपक भारतदीप wrote 5 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- हर्त ज्ञार् … more →

Tags: आलेख, चिंतन, दीपक भारतदीप, मस्त राम, मस्तराम, हिन्दी, editoriyal, Enternment, hindi litreture

चाणक्य नीति-बुरे संस्कार वालों के साथ बैठकर खाना भी न खाएं

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ——————- अर्थार्थीतांश्चय ये शूद्र … more →

Tags: अर्थशास्त्र, आलेख, संस्कार, समाज, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Blogging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

भर्तृहरि शतक-बेइज्जती से भी भूख कहाँ मिटती है

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: भ्रान्तं देशमनेकदुर्गविषमं प्राप्तं न किंचित्फलं त्यकत्वा जातिकुलाभिमानमुचितं सेवा कृता निष्फला। भुक … more →

Tags: आलेख, इंडिया, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, हिंदी साहित्य, हिन्दी, Blogger, Blogging

विदुर नीति-दुष्ट को अपना राज बताना खतरनाक

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: धर्माऽऽख्याने श्मशाने च रोगिणां या मतिर्भवेत्। सा सर्वदैव तिष्ठेयेत् को न मुच्येत बंधानात्।। हिंदी म … more →

Tags: अध्यात्म, दीपक भारतदीप, साहित्य, हिन्दी, Deepak bharatdeep, India, inlglish, Internet, jagran

मनुस्मृति- कठिन जगह पर जाने से बचें

दीपक भारतदीप wrote 6 months ago: मनु महाराज कहते हैं कि —————– अधितिष्ठेन केशांस्तु न भस्मास्थिक … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मनुस्मृति, साहित्य, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS