kalapiketan wrote 1 week ago: लाज ओढूं (गीत) घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 2 weeks ago: याद आया गझल घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 2 weeks ago: चैतकी रजनी और् चंद्रमा अछांदस घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 3 weeks ago: “माँ कह एक कहानी।” मैथिलीशरण गुप्त ——————— … more →
kalapiketan wrote 4 weeks ago: मरूध्यान ना बने मुक्तक घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 4 weeks ago: मरूध्यान ना बने मुक्तक घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: नही! गझल घनश्याम ठक्कर … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: मधुशाला हरिवंशराय बच्चन भावुकता अंगूर लता से खींच कल्पना की हाला कवि साकी बनकर आया है भरकर कविता क … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: घनश्याम ठक्कर (Ghanshyam Thakkar = Oasis Thacker) परिचय Latest Posts ગુજરાતી કવિતા અને સંગીત … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: मिलेगा (गीत-काव्य) घनश्याम ठक्कर Latest Posts ગુજરાતી કવિતા અને સંગીત હોઈ શકું (મુક્તક) – રમેશ પા … more →
kalapiketan wrote 1 month ago: . जन गण मन MP-3 PLAY> घनश्याम ठक्कर जन्मदिन मुबारक गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर Latest Posts ગુ … more →
kalapiketan wrote 2 months ago: बाढका खतरा करदो – गझल – घनश्याम ठक्कर Oasis Links ગુજરાતી કવિતા અને સંગીત Blog – Gha … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: मैं दिए गए विषयों पर सोचता हूं मैं दी हुई भाषा में लिखता हूं मैं सुर में सुर मिला कर बोलता हूं ताकि … more →
अफ़लातून wrote 4 months ago: छुटपन में ऐसा होता था अक्सर कि कोई टोके कि फल के साथ ही तुमने खा लिया है बीज इसलिए पेड़ उगेगा तुम्हार … more →
ambuj wrote 6 months ago: कभी पलकों पे आंसू आते हैं तो कभी लब थरथराते हैं, कभी दिल में बेचैनी होती है तो कभी साँसे थम सी … more →
ambuj wrote 6 months ago: गर्मी की उस दोपहर में हम जा बैठे पेड़ की छाव में वहा हमने देखा ज़मीन पे बिखरे पड़े थे कुछ पत्ते … more →
अफ़लातून wrote 7 months ago: अयोध्या , १९९२ हे राम , जीवन एक कटु यथार्थ है और तुम एक महाकव्य ! तुम्हारे बस की … more →
दीपक भारतदीप wrote 7 months ago: डाइन भी सात घर छोड़कर कहर बरपाती अपने पडौस से निभाओ यह तो वह भी सिखाती उसकी राह पर चलने वाले असली … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: एक विचारक पहुंचा दूसरे के पास और बोला ‘यार आजकल कोई अपने पास नहीं आता है हमसे पूछे बिना यह समा … more →