एक बार काशी के निकट के एक इलाके के नवाब ने गुरु नानक से पूछा, ‘आपके प्रवचन का महत्व ज्यादा है या हमारी दौलत का?‘ नानक ने कहा, ‘इसका जवाब उचित समय पर दूंगा।’ कुछ समय बाद नानक ने… more →
यह भी खूब रहीpryas wrote 2 months ago: एक बार काशी के निकट के एक इलाके के नवाब ने गुरु नानक से पूछा, ‘आपके प्रवचन का महत्व ज्यादा है … more →
pryas wrote 3 months ago: दिल्ली के एक बादशाह अपनी प्रजा के सुख-दुख का बड़ा ख्याल रखते थे। वह हर समय आम आदमी के विकास की बात स … more →
pryas wrote 5 months ago: राजा मुर्दे को लेकर योगी के पास आया। योगी राजा को और मुर्दे को देखकर बहुत प्रसन्न हुआ। बोला, “ … more →
pryas wrote 5 months ago: रिश्ता क्या हुआ? किसी नगर में मांडलिक नाम का राजा राज करता था। उसकी पत्नी का नाम चडवती था। वह मालव द … more →
pryas wrote 5 months ago: वह बालक क्यों हँसा? चित्रकूट नगर में एक राजा रहता था। एक दिन वह शिकार खेलने जंगल में गया। घूमते-घूमत … more →
pryas wrote 1 year ago: हाँ, हाँ सुने हैं… …सुने हैं तेरे बडप्पन के चर्चे, बनता है तू मर्यादा पुरूषोत्तम, और ये … more →
pryas wrote 1 year ago: कल ऑफिस के काम से बाहर जाना था. गार्ड को बोला की ड्राईवर को गाडी निकालने के लिये कह दे. कोई दो बजे ख … more →
pryas wrote 1 year ago: मिथिला के राजा ने राजपाट छोड़ने की ठान ली। उसने परीक्षा लेने के इरादे से अपने तीनों पुत्रों को बुलाय … more →
pryas wrote 1 year ago: Hello Papa छोटी सी मेरी बेटी है, पापा-पापा करती है, ऑफिस जब मैं जाता हूँ, वो टाटा-टाटा करती है. ढले … more →
pryas wrote 1 year ago: एक राज्य का राजा बेहद कठोर और जिद्दी था। वह एक बार जो निर्णय ले लेता था, उसे बदलने को तैयार नहीं होत … more →
pryas wrote 1 year ago: गौतम बुद्ध के एक शिष्य पूर्ण ने सीमाप्रांत में धर्म प्रचार करने की अनुमति मांगी। बुद्ध ने कहा, … more →
pryas wrote 1 year ago: एक धनी किसान था। उसे विरासत में खूब संपत्ति मिली थी। ज्यादा धन-संपदा ने उसे आलसी बना दिया। वह सारा द … more →
pryas wrote 1 year ago: एक बुढ़िया बड़ी सी गठरी लिए चली जा रही थी। चलते-चलते वह थक गई थी। तभी उसने देखा कि एक घुड़सवार चला आ … more →
pryas wrote 2 years ago: चौबीसवीं पुतली करुणावती ने जो कथा कही वह इस प्रकार है- राजा विक्रमादित्य का सारा समय ही अपनी प्रजा क … more →
pryas wrote 2 years ago: तेइसवीं पुतली जिसका नाम धर्मवती था, ने इस प्रकार कथा कही- एक बार राजा विक्रमादित्य दरबार में बैठे थे … more →
pryas wrote 2 years ago: सभी क्षणिकाएँ, के.पी. सक्सेना ’दूसरे’ द्वारा रचित। - जानवर - (१) जानवर की कोख से जनते न देखा आदमी आद … more →
pryas wrote 2 years ago: अनुरोधवती नामक बाइसवीं पुतली ने जो कथा सुनाई वह इस प्रकार है- राजा विक्रमादित्य अद्भुत गुणग्राही थे। … more →
pryas wrote 2 years ago: चन्द्रज्योति नामक इक्कीसवीं पुतली की कथा इस प्रकार है- एक बार विक्रमादित्य एक यज्ञ करने की तैयारी कर … more →
pryas wrote 2 years ago: बीसवीं पुतली ज्ञानवती ने जो कथा सुनाई वह इस प्रकार है- राजा विक्रमादित्य सच्चे ज्ञान के बहुत बड़े पार … more →