एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत के लिए एक प्रस्ताव) कात्यायनी, सत्यम कला-साहित्य-संस्कृति के मोर्चे पर समकालीन धार्मिक कट्टरपन्थी फ़ा… more →
नया सर्वहारा पुनर्जागरण नया सर्वहारा प्रबोधनShaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 6 months ago: एक नए सर्वहारा पुनर्जागरण और प्रबोधन के वैचारिक सांस्कृतिक कार्यभार (सांस्कृतिक मोर्चे पर नई शुरुआत … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 9 months ago: समय 33.4 मिनट , फाइल साइज़ 3.4 MBS , फाइल प्रकृति MP3 सपार्टकस हिंदी नाटक के संवाद [ऑडियो] — ड … more →
Shaheed Bhagat Singh Vichar Manch, Santnagar wrote 11 months ago: लगभग ३३ मिनट की इस लघु नाटिका को यूटयूब पर देखा और वहां से डाउनलोड किया जा सकता है. पंजाब लोक सभ्याच … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: नाटक या नाट्य में प्रयुक्त भाषा को नाट्यभाषा कहते हैं। भरत के अनुसार नाट्य या नाटक वह है जो लोकस्वभा … more →
संपादक- मिथिलेश वामनकर wrote 1 year ago: समीक्षा की उत्पत्ति के लिए मानुषी वृत्ति (अच्छे को अच्छा और बुरे को बुरा कहना) इसकी धरातल कही जा सकत … more →