Lost your password?

Blogs about: हिन्दी पत्रिका

Featured Blog

दिल और कविता-हिंदी कविता (dil aur kavita-hindi shayri)

दीपक भारतदीप wrote 2 days ago:   कभी गम तो कभी खुशी कभी दर्द तो कभी हँसी के साथ कविता लिखने का ख्याल किया तब भाषा सज … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कविता, मस्तराम, हिन्दी, हिन्दी शायरी, हिन्दी शेर, कला, मनोरंजन

ज़िंदगी और परदे का सच-हिंदी व्यंग्य कविताएँ (zindagi aur parde ka sach-hindi vyangya kavitaen)

दीपक भारतदीप wrote 2 days ago:  इस देश का आदमी उड़ना चाहता है ऊंची उड़ान अपने पांवों में पुरानी ज़जीरों को बांधकर. अपनी आँखों स … more →

Tags: arebic, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य, हिन्दी, bharat, Blogging, कला

सम्मान का भ्रम-हिन्दी हास्य व्यंग्य (samman ka bhram-hasya vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 5 days ago: दीपक बापू तेजी से अपनी राह चले जा रहे थे कि पान की एक दुकान के पास खड़े आलोचक महाराज ने उनको आवाज देक … more →

Tags: arebic, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, व्यंग्य, शब्द, हास्य व्यंग्य

वादा और इंतजार-व्यंग्य कविता (vada aur intzar-hindi vyangya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: गिला शिकवा खूब किया दिन भर पूरे जमाने का फिर भी दिल साफ हुआ नहीं। इतने अल्फाज मुफ्त में खर्च किये फि … more →

Tags: arebic, अभिव्यक्ति, क्षणिका, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, व्यंग्य कविता, हिन्दी, bharat

योगासन, प्राणायाम, ध्यान और धारणा-हिन्दी लेख (hindi lekh on yogasan)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: प्राचीन भारतीय योग साधना पद्धति की तरफ पूरे विश्व का रुझान बढ़ना कोई अस्वाभाविक घटना नहीं है। आज से द … more →

Tags: अनुभूति, आलेख, मस्तराम, समाज, हिन्दी, Deepak bharatdeep, E-patrika, Family, Friends

युद्ध और सत्संग-व्यंग्य कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: धर्म के लिए अब नहीं होता सत्संग हर कोई लड़ रहा है, उसके नाम पर जंग. किताबों के शब्द का सच अब तलवार स … more →

Tags: अभिव्यक्ति, कविता, ताल-बेताल, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, दृश्य, मस्तराम, हिन्दी, Deepak bapu

अपनी रचनाएँ भुनाओ-हास्य कविता (apni rachna-hindi hasya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: श्रृंगार रस का कवि पहुंचा हास्य कवि के पास लगाये अच्छी सलाह की आस और बोला ‘यार, अब यह कैसा जमाना आया … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, इंटरनेट, दीपक भारतदीप, मस्त राम, व्यंग्य, शायरी, हास्य, हिन्दी

रामचरित मानस की चर्चा-चिंतन आलेख (ramcharit manas-hindi article)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: रामचरित मानस लिखने के 387 वर्ष बाद एक संत ने यह शोध प्रस्तुत किया है कि उसमें व्याकरण और भाषा की तीन … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika, hindi bhasakar, hindi culture

रौशनी और अंधेरे की जंग-लघुकथा (roshni aur andher ke jang-hindi laghu katha)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: वैसे तो उन सज्जन की कोई इतनी अधिक उम्र नहीं थी कि दृष्टिदोष अधिक हो अलबत्ता चश्मा जरूर लगा हुआ था। ए … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, विश्वास, हिन्दी, कला, कहानी

धर्मजोद्धा और कर्मजोगी-व्यंग्य कविता (dharm aur jog-vyangya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: वह धर्मजुद्ध से करने निकले जमाने भर की सफाई। अमन का नारा लगाते किया शोर शीतलता के लिये चहुं ओर आग लग … more →

Tags: अभिव्यक्ति, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, हिन्दी, Blogging, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

बदतमीज बात पर नजर-हिंदी व्यंग्य (badtamij bat par nazar-hindi vyangya)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: एक टीवी चैनल को उसके मनोरंजक कार्यक्रम में अभद्र और अश्लील शब्दों के प्रयोग पर आखिर नोटिस थमा दिया ग … more →

Tags: Blogroll, web duniya, web dunia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi jagran, inglish, हिन्दी

नए स्वांग और मुखौटे-हास्य व्यंग्य कविताएँ (svang aur mukhaute-hindi satire poem)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: रोज रचते हैं नया स्वांग चेहरे पर लगाते नए मुखौटे और बदलकर आते हैं कपड़े मगर छद्म होकर भी करते हैं हमे … more →

Tags: hindi journlism, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi bhasakar

रौशनी करने का सदियों पुराना अभियान-व्यंग्य कविता (raushni ka abhiyan-vyangya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: दीपावली पर घर में आले में बने मंदिर से लेकर गली के नुक्कड़ तक प्रकाश पुंज सभी ने जला दिये। अंतर्मन मे … more →

Tags: दीपक भारतदीप, दीपकबापू, व्यंग्य कविता, शायरी, सूचना, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, E-patrika

सेल के रोग का इलाज नहीं-हास्य व्यंग्य कविता (sel rog ka ilaj-hasya vyangyakavita)

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: अपने साथ फंदेबाज एक पर्चा लेकर आया और हाथ में देते हुए बोला- ‘दीपक बापू, बूढ़े आदमियों के लिये तैयार … more →

Tags: मस्तराम, व्यंग्य, समाज, साहित्य, हास्य व्यंग्य, हिन्दी, Blogging, Blogroll, Deepak bapu

अय्याशी की चीजों पर वह फ़िदा हो जाते-हिंदी व्यंग्य कविताएँ (khamosh duniya-hindi kavita

दीपक भारतदीप wrote 4 weeks ago: निरापद रहने की कोशिश निष्क्रिय बना देती है बाहर जलती आग पर दिल को ठंडा रखने की सोच घर को राख बना देत … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, क्षणिका, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, महत्वपूर्ण ब्लॉग, समाज

जब उनके पुतलों की पोल खुल जायेगी-हिंदी कविता

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: पर्दे के पीछे वह खेल रहे हैं सामने उनके पुतले डंड पेल रहे हैं। आत्ममुग्धता हैं जैसे जमाना जीत लिया स … more →

Tags: Hindi friends, hindi web, hindi epatrika, web duniya, web dunia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi bhasakar

यह स्वयंवर-हिंदी हास्य व्यंग (the swyanvar-hindi vyang

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: जहां तक भारत की स्वयंवर परंपराओं से जुड़ी कथाओं की हमें जानकारी है तो उसके नायक नायिका तो नयी उम्र के … more →

Tags: आलेख, चिन्तन, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, भारत, मस्तराम, व्यंग्य, शब्द, सूचना

दीपावली का पर्व निकल गया-आलेख

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: होश संभालने के बाद शायद जिंदगी में यह पहली दिवाली थी जिसमें मिठाई नहीं खाई। कभी इसलिये मिठाई नहीं खा … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, संपादकीय, darshan, India, व्यंग्य, सन्देश, साहित्य, Deepak bharatdeep

खाली ज़ेब का रुआब-हास्य व्यंग्य कविता (khali zeb ka ruaab-hindi hasya kavita)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: सूखी मन गयी दिवाली क्योंकि जेब थी खाली, ज़माने में अपना रुआब दिखाने के लिए सबसे कह रहे हैं”हैप … more →

Tags: web duniya, web dunia, hindi nai duinia, hindi megzine, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, hindi bhasakar, inglish, deshboard


Have your say. Start a blog.

See our free features →

Related Tags
All →

Follow this tag via RSS