अपभ्रंश, आधुनिक भाषाओं के उदय से पहले उत्तर भारत में बोलचाल और साहित्य रचना की सबसे जीवंत और प्रमुख भाषा (समय लगभग छठी से १२वीं शताब्दी)। भाषावैज्ञानिक दृष्टि से अपभ्रंश भारतीय आर्यभाषा के मध्यकाल की … more →
हिन्दी साहित्यwrote 3 months ago: यदीच्छसि वशीकर्तंु जगदेकेन कर्मणा। परापवादसस्येभ्यो गां चरंन्तीं निवारथ।। हिंदी में भावार्थ-नीति विश … more →
wrote 1 year ago: अभिव्यक्त पर आपका स्वागत करते हुए हर्ष और उत्साह का अनुभव हो रहा हे| आप हम तक पहुंचे या हम आप तक दोन … more →
wrote 1 year ago: वह कौन मनुष्य होगा जिसे अपनी भाषा गन्दी और भद्दी लगती हो, ऐसा सुनकर हमारे मुख से तुंरत छिः छिः निकले … more →
wrote 1 year ago: हिन्दी,हिन्दू और हिंदुत्व शब्दों में जो आकर्षण है उसका कारण कोई उनकी कानों को सुनाई देने वाली ध्वनि … more →
wrote 1 year ago: अपभ्रंश, आधुनिक भाषाओं के उदय से पहले उत्तर भारत में बोलचाल और साहित्य रचना की सबसे जीवंत और प्रमुख … more →