Blogs about: हिन्दी शायरी
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Mere dost kaun hai-मेरा दोस्त कौन है ?
जब मैं हसा था, कौन मेरे साथ मुस्कुराया था कौन है मेरा दोस्त जो तब मेरे पास आया … more »
The Shayari.. Shayari Collection Hindi mein
इंसान तो कठपुतली है-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: आदमी के पंख नहीं होते जो वह आसमान में उ … more »
कुछ दृश्य निगाहों से पढ़े जाते हैं-हिंदी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 3 days ago: कुछ दृश्य इस तरह सामने आते हैं कि शब्द … more »
उनका नाम ही दरियादिल हो जाता-कविता
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दीपक भारतदीप wrote 4 days ago: अपने दिल का बयां कभी कभी दूसरे के अल्फ … more »
मोबाइल मोहब्बत हो गई-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 6 days ago: प्रेमी ने प्रेमिका के मोबाइल की घंटी ब … more »
पटकथा लिखने वाले ने कमाल किया-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 week ago: बगल में अखबार दबाकर घर आया फंदेबाज और … more »
जब तक अंतर्जाल की माया, रहेगी इस ब्लाग की काया-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: ब्लाग पर लिख गया एक कमेंट एक पाठक ‘ दीप … more »
मालिक नहीं तो मजदूर का रोल करेगा-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: फंदेबाज आया और बोला ‘दीपक बापू, मेरा छ … more »
करते हास्य कविता की पैनी धार
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दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: फंदेबाज आया और बोला ‘दीपक बापू, तुम क् … more »
क्रिकेट में अब देशप्रेम का सुख नहीं उठाते-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आया फंदेबाज और बोला ‘क्या दीपक बापू कि … more »
यह नहीं बता सकते कि हिट होगा कि फ्लाप-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: फंदेबाज के घर के दौरे पर पहूंचे तो उसक … more »
दोस्त को कई रूपों में आने का हक होता-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: भतीजे को साथ लेकर आया फंदेबाज और बोला- … more »
तब तक बहुत देर हो जायेगी-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: हर शाख पर उल्लू बिठा दो जब बिजली चली जा … more »
बंधे सबके अपनी मजबूरी से हाथ-हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यूं दर्द बांटने चले थे जमाने के साथ शा … more »
अभी मशहूर नहीं हो सकते-हास्य कविता
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: घर आया फंदेबाज और बोला ‘दीपक बापू हमें … more »
हमने भी कुछ खोया नहीं-हिन्दी शायरी
दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अपनी राह चलते जाना है कहीं फूल बरसेंगे … more »
सच के परे बहस बेकार-कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: औरत पर अनाचार का प्रश्न उठता है कई बार … more »
जो बडे हैं वह कभी संयम नहीं गंवाते-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आया फंदेबाज और बोला ”क्या दीपक बापू … more »
जब पीडा हो मन में तो शोर मचा दो-हिन्दी शायरी
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अपनी पीड़ाओं का बयान वह कुछ यूं करते है … more »
तुम वापस ले जाओ यह बोतल-हास्य कविता
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दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: पुराने झोले में छिपाकर फंदेबाज दारू क … more »
