कुछ पाने के लिये दौड़ता है आदमी इधर से उधर देने का ख्याल कभी उसके अंदर नहीं आत… more →
दीपक भारतदीप की ई-पत्रिकादीपक भारतदीप wrote 1 week ago: कुछ पाने के लिये दौड़ता है आदमी इधर से … more →
pryas wrote 1 month ago: एक राज्य का राजा बेहद कठोर और जिद्दी थ … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: 1. दूर्भिक्ष और आपत्तिग्रस्त स्वयं ही … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: मुख से सिगरेट का धुँआ चहुँ और फैलाते ह … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: कुछ ब्लोगों में शब्द और वर्तनी की गलति … more →
दीपक भारतदीप wrote 9 months ago: ओम शांति फिल्म में अपनी मजाक उडाये जान … more →
दीपक भारतदीप wrote 10 months ago: दीपकबापू कहिन के बाद मेरा यह दूसरा ब्ल … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: रिश्ते की बात करते हुए वर पक्ष ने जमकर … more →
दीपक भारतदीप wrote 11 months ago: जौन चाल संसार के जौ साधू को नाहिं डिंभ … more →