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भर्तृहरि नीति शतक-क्षमा करती है कवच की तरह काम

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: क्षान्तिश्चत्कवचेन किं किमनिरभिः क्रोधीऽस्ति चेद्दिहिनां ज्ञातिश्चयेदनलेन किं यदि सहृदद्दिव्यौषधं कि … more →

Tags: Hindi writing, Hindu darshan, Hindu culture, hindi india, hindu dharm, web duniya, hindi abhivyakti, hindi vyangy, hindi media

हिंदी आध्यात्मिक सन्देश-बेकार के कम न करें तो ही ठीक (vidur niti-bekar kam n karen)

दीपक भारतदीप wrote 2 weeks ago: तथैव योगविहितं यत्तु कर्म नि सिध्यति। उपाययुक्तं मेधावी न तव्र गलपयेन्मनः।। हिंदी में भावार्थ-अच्छे … more →

Tags: हिन्दी, चिंतन, अध्यात्म, अभिव्यक्ति, jagran, India, अनुभूति, शब्द, Deepak bharatdeep

आज श्री गुरुनानक जी की जयंती है-हिंदी लेख (shri guru nanak jayanti prakash and parva-hindi article

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: आज श्री गुरुनानक देव जी का 541वां प्रकाश पर्व मनाया जा रहा है। सच तो यह है कि समाज को अमृत संदेश देन … more →

Tags: हिन्दी, adhyatm, गुरुनानक जयंती, धर्म, प्रकाशपर्व, सिख, Guru Nanak Dev, gurugranth

कौटिल्य दर्शन-दोस्त और दुश्मन दो प्रकार के होते हैं (kautilya darshan-dost aur dushman)

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: सहज कार्यजश्वव द्विविधः शत्रु सच्यते। सहज स्वकुलोत्पन्न कार्यजः स्मृतः। हिंदी में भावार्थ-शत्रु दो प … more →

Tags: abhivyakti, adhyatm, alekh, arebic, Article, अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, चिंतन

संत कबीरदास-धर्म का आशय कौन जानता है (dharm ka ashaya-kabirdas ji

दीपक भारतदीप wrote 3 weeks ago: कहै हिन्दु मोहि राम पिआरा, तुरक कहे रहिमाना। आपस में दोऊ लरि-लरि मुए, मरम न कोऊ जाना।।संत शिरोमणि कब … more →

Tags: अध्यात्म, अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, adhyatm

संत कबीरदास के दोहे-अपनी तारीफ और दूसरे की बुराई न करें (kabir ke dohe-apne tarif aur doosre ke burai na karen)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आपन को न सराहिये, पर निन्दिये न नहिं कोय। चढ़ना लम्बा धौहरा, ना जानै क्या होय।। संत शिरोमणि कबीरदास ज … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, मस्तराम, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Hindi Blogging, Hindi Education

मनु स्मृति-योग्य आदमी से अच्छे संबंध बनाएं (manu smriti-yogya admi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते है कि ——————————— … more →

Tags: bharat, chankya, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, आलेख, मनोरंजन, समाज, कला, Chanakya

चाणक्य नीति-पवित्र काम मन लगाकर पूरा करें (pavitra kaam-chankya niti in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य कहते हैं कि ————————- धनहीनो न ही … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आदमी, आध्यात्म, चाणक्य, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, शिक्षक, हिन्दी

हिंदी अध्यात्म सन्देश-बुरे काम से दूर होकर ही अच्छाई समझना संभव (hindu adhyatm sandesh)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: अर्थसिद्धि परामिच्छन् धर्ममेवादितश्चरेत्। न हि धर्मदपैत्यर्थः स्वर्गलोकादिवामृतम्।। हिंदी में भावार् … more →

Tags: writing, हिन्दी, अभिव्यक्ति, चिन्तन, अनुभूति, Internet, arebic, समाज, bharat

संत कबीर के दोहे-कष्ट और कलह की जड़ है गाली देना (gali dena galat-kabir ke dohe

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: आवत गारी एक है, उलटत होय अनेक। कहैं कबीर नहिं उलटिये, वही एक की एक।संत शिरोमणि कबीरदास जी कहते हैं क … more →

Tags: Blogroll, Deepak bharatdeep, Deepak bapu, अभिव्यक्ति, हिंदी पत्रिका, समाज, कला, dohe, कबीर

चाणक्य दर्शन-जीवन में जागरुकता आवश्यक (chankya darshan in hindi)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: गूढ़मैथुनचरित्वं च काले काले संग्रहम्। अप्रमत्तमविश्वासं पंच शिक्षेच्च वायसात्।। हिंदी में भावार्थ-छि … more →

Tags: अध्यात्म, आलेख, कला, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, hindi Personal

मनुस्मृति-दूसरों के माल पर नजर न डालें (paraya mal apna na samjhen)

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मनु महाराज कहते हैं कि —————— यानाश्य्यासनान्यस्य, कूपोद्यान ग्र … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, कला, मस्तराम, समाज, हिंदी पत्रिका, हिन्दी, Deepak bapu, Deepak bharatdeep

संत कबीर के दोहे-बिना अनुभव के ज्ञान देना अनुचित

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: कूकट कूटै कन बिना, बिन करनी का ज्ञान। ज्यौं बन्दूक गोली बिना, भड़क न मरि आन।। संत शिरोमणि कबीरदास जी … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यात्म, आलेख, हिंदी पत्रिका, bharat, Deepak bapu, Deepak bharatdeep, Global Dashboard

विदुर दर्शन-सात्विक कार्य सिद्ध न हो भी चिंता नहीं

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: मिथ्यापेतानि कर्माण सिध्येवुर्यानि भारत। अनुपायवुक्तानि मा स्म तेष मनः कृथाः।। हिंदी में भावार्थ-मिथ … more →

Tags: हिन्दी, संस्कार, inglish, संपादकीय, आध्यात्म, India, bhaarat, आलेख, हिंदी साहित्य

चाणक्य नीति-कुविचारी नारी से तो कोई साथ न हो अच्छा (chankya niti-kuvichari nari ka sath

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: नीति विशारद चाणक्य महाराज कहते हैं कि ———————— … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, इंटरनेट, चिन्तन, दीपक भारतदीप, धर्म, शब्द, संस्कार, हिंदी पत्रिका

चाणक्य नीति-अपने मुख में कटु शब्दों की खेती न करें

दीपक भारतदीप wrote 1 month ago: यदीच्छसि वशीकर्तंु जगदेकेन कर्मणा। परापवादसस्येभ्यो गां चरंन्तीं निवारथ।। हिंदी में भावार्थ-नीति विश … more →

Tags: अनुभूति, अभिव्यक्ति, आध्यातम, आलेख, कला, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मस्तराम, समाज

कौटिल्य का अर्थशास्त्र-किसी को अपनी योग्यता से अधिक महापद भी मिल जाता है (ablity and post-kautilya ka arthshastra)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: कौटिल्य महाराज के अनुसार —————————- उच्चेरुच्च … more →

Tags: अभिव्यक्ति, आध्यात्म, दीपक भारतदीप, दीपकबापू, मातृभाषा, हिन्दी, हिन्दी पत्रिका, adhyatm, कला

मनु स्मृति-हृदय में यम साक्षी रूप में स्थित रहते हैं (jhooth mat bolo-manu smriti)

दीपक भारतदीप wrote 2 months ago: यमो वैवस्वतो देवो यस्तवैध हृदिस्थितः। तेन चेदविवादस्ते मां गंगा मा कृरून गमः।। हिंदी में भावार्थ-सभी … more →

Tags: अध्यात्म, आध्यात्म, आलेख, कला, भगवान, सूचना, हिंदी, हिंदी पत्रिका, adhyatm

असान बीवी पूजा

Krishna Kumar Mishra wrote 2 months ago: असान अथवा अवसान बीवी और हिन्दू समाज की महिलायें ! मेरे गांव की महिलायें एक पूजा बडी़ आस्था के साथ कर … more →

Tags: History & Environment, asaan, असान, उत्तर, झाला, दुरकैयां, देवी, बंगाल, बन


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